दैनिक वस्तुओं पर राहत, फैसला अगली बैठक में

0
38

नई दिल्ली । भले ही सेस के चलते बड़ी गाड़ियों के दाम बढ़ने की सूरत बन रही हो, मगर इसके उलट इडली व डोसा पाउडर, रसोई गैस लाइटर जैसे रोजमर्रा के सामान सस्ते हो सकते हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल इन उत्पादों पर लगने वाली दरें घटाने को लेकर विचार कर रही है। इस बारे में कोई भी फैसला काउंसिल की नौ सितंबर को हैदराबाद में होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दो दर्जन से ज्यादा उत्पादों के मामले में विसंगतियां पाए जाने के बाद जीएसटी काउंसिल ने इन पर लगने वाली दरों पर विचार करने का फैसला किया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद टैक्स से बचने के लिए कुछ फर्मो ने अपने ब्रांडों का पंजीकरण रद कराया है।

ऐसे मामलों निपटने के लिए फिटमेंट कमेटी ने काउंसिल से रजिस्टर्ड ब्रांडों के लिए 15 मई, 2017 को अंतिम तारीख (कटऑफ डेट) तय करने का प्रस्ताव किया है। अगर इस तारीख के बाद ब्रांड का पंजीकरण रद कराया भी गया है, तो भी उस पर जीएसटी लगेगा।

बिना ब्रांड वाले खाद्य उत्पादों को जीएसटी से छूट दी गई है। इसके उलट ब्रांडेड और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थो पर पांच फीसद जीएसटी लगता है।सूत्रों का कहना है कि जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने दो दर्जन से अधिक जिंसों की नए दर ढांचे को मंजूरी दी है। इस संदर्भ में प्रस्ताव निर्णय लेने वाले शीर्ष निकाय को भेजा है।

उसने कहा कि जीएसटी काउंसिल की पांच अगस्त को हुई बैठक में इनमें से कुछ जिंसों पर लगने वाली दरों पर विचार किया। उनमें से कुछ के मामले में दरों में कमी किए जाने को हरी झंडी दी। बाकी वस्तुओं के बारे में नौ सितंबर की अगली बैठक में विचार किया जाएगा।

इन पर है टैक्स में कमी का प्रस्ताव
हालांकि सूत्रों ने यह नहीं बताया कि किन वस्तुओं पर कर की दरें कम की गई हैं। उसके अनुसार सूखी इमली और भुने चने पर जीएसटी की मौजूदा दर को 12 से घटाकर पांच फीसद करने का प्रस्ताव किया गया है। इसी तरह प्रस्ताव में कस्टर्ड पाउडर पर जीएसटी की मौजूदा 28 के बजाय 18 फीसद रखने की बात कही गई है।

इडली व डोसा पाउडर पर 18 की जगह 12 फीसद टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। प्लास्टिक रेनकोट, रबर बैंड, कंप्यूटर मॉनिटर और रसोई गैस लाइटर पर जीएसटी दर मौजूदा 28 से घटाकर 18 फीसद की जा सकती है।

धूपबत्ती, धूप और अन्य इसी प्रकार की वस्तुओं पर मौजूदा 12 से घटाकर पांच फीसद करने का प्रस्ताव है। इससे धूपबत्ती भी जीएसटी के मामले में अगरबत्ती के स्तर पर आ जाएगी। झाड़ू और सफाई ब्रश पर कोई कर नहीं लगाने का प्रस्ताव है, जबकि अभी इस पर फीसद टैक्स है।

हवन सामग्री पर लगेगा पांच फीसद कर
हवन सामग्री पर पांच फीसद जीएसटी लगेगा। अभी इस पर जीएसटी की दर शून्य है। हालांकि मिट्टी की मूर्तियों पर टैक्स की दर को 28 से घटाकर पांच फीसद किया जाएगा।