50,000 से अधिक के माल ढुलाई पर ई वे बिल

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नयी दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में शनिवार को यहां हुयी परिषद की 20 वीं बैठक में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने माल ढुलाई के लिए इलेक्ट्रानिक वे बिल ( ई वे बिल) को  सैद्धांतिक मंजूरी दे दी । जिसके मद्देनजर अब 50 हजार रुपये से अधिक के माल परिवहन पर ई वे बिल लगेगा और पूरे देश में चुंगी समाप्त हो जायेगी।

 इस तरह जो परमिट जारी किया जायेगा उसके तहत एक दिन में 100 किलोमीटर तक माल का परिवहन किया जा सकेगा।

बैठक के बाद श्री जेटली ने संवाददाताओं से कहा कि अब किसी भी शहर में 10 किलोमीटर से अधिक दूरी तक 50 हजार रुपये से अधिक के माल ले जाने पर ई वे बिल लगेगा। 

ई-वे बिल संभवत: एक अक्तूबर से अमल में आ जायेगा। इस तरह जो परमिट जारी किया जायेगा उसके तहत एक दिन में 100 किलोमीटर तक माल का परिवहन किया जा सकेगा। इसके बाद प्रत्येक दिन में इतनी ही दूरी में माल परिवहन हो सकेगा।

 बैठक में कपड़ों की सिलाई से लेकर उनमें कशीदाकारी करने जैसे जॉब वर्क पर जीएसटी दर को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया गया है।

ट्रैक्टर के कुछ कलपुजों पर भी जीएसटी दर में कटौती की गई है। इसके साथ ही माल का परिवहन करने से पूर्व उसके पंजीकरण संबंधी ई-वे बिल के प्रावधानों को भी कुछ राहत देते हुये आज अंतिम रूप दे दिया गया।

ट्रैक्टर के कुछ कलपुर्जों पर जीएसटी 18 प्रतिशत
खेती में काम आने वाले विभिन्न उपकरणों को सस्ता करने के लिये परिषद ने ट्रैक्टर के कुछ कलपुर्जों पर भी जीएसटी दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही सरकारी कार्य अनुबंधों में भी इनपुट टैक्स क््रुेडिट की सुविधा के साथ 12 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जायेगा।

परिषद ने 15 दिन के भीतर मुनाफाखोरी-रोधी उपायों और जांच समिति बनाने को भी सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी। यह समिति इस पर गौर करेगी कि जीएसटी दर में कमी किये जाने के बावजूद इसका लाभ उपभोक्ता तक पहुंचाया गया अथवा नहीं।

जेटली ने बताया कि जीएसटी से छूट प्राप्त सामान को ई-वे बिल के दायरे से बाहर रखा गया है। यह जीएसटी परिषद द्वारा इस संबंध में तैयार किये गये मसौदा नियमों में कुछ राहत दी गई है।