अब खाने की जगह एवं तरीका तय करेगा रेस्टोरेंट का बिल

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नई दिल्ली । देशभर में एक जुलाई से वस्तु एवं सेवा कर लागू हो गया है। इसके बाद से अब अगर आप किसी मिठाई वाले के यहां से मिठाई खाते हो तो आपको पांच फीसद तक जीएसटी देना पड़ेगा। वहीं, अगर आप किसी एसी रेस्त्रां में मिठाई खाते हो तो आपको 18 फीसद की दर से जीएसटी का भुगतान करना होगा।

यदि आप काउंटर पर ऑर्डर करते हैं तो 12 फीसद की दर से जीएसटी लगेगा, वहीं, अगर आप वहां बैठ कर खाते हैं तो 18 फीसद की दर से जीएसटी देना होगा। कुछ लोगों में इसको लेकर असमंजस बरकरार है।

जैसे सेंट्रल दिल्ली में एक दुकान है जहां बैठकर खाने का प्रावधान नहीं है। यहां टेबल लगाई हुईं है ताकि लोग खड़े होकर खा सकते हैं। यहां पर ग्राहकों से पांच फीसद की दर से जीएसटी लिया जा रहा है।

एक दुकानदार ने, नाम न बताने की शर्त पर, कहा है कि जीएसटी की ऊंची दर तब लगाई जाएगी अगर दुकान में बैठकर खाने का प्रबंध होगा। हमारे पास पर्याप्त जगह नहीं है।

इस तरह के डिफ्रेंशियल टैक्स रेट के बारे में कई ग्राहक अनजान है। इस कारण बिल देखने के बाद लोगों को टैक्स की दरें समझ नहीं आती।

टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी की दरों के बारे में लोगों को जागरुक करने की आवश्यकता है। जीएसटी की दरों में इस तरह के अंतर के चलते कई लोगों को बड़ी दुकान के बजाए छोटी दुकान पर खड़े होकर अपने पसंदीदा स्नैक्स खाने पड़ सकते है।