दाल खरीद के लिए 500 करोड़ का अतिरिक्त अनुदान आवंटित

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नई दिल्ली । किसानों से दाल खरीदने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुदान का आवंटन किया है। सरकार ने यह धनराशि चालू वित्त वर्ष के लिए अनुदान की पूरक मांगों के रूप में दी है। खास बात यह है कि अनुदान की पूरक मांगों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रचार, भीम एप और ग्रामीण डिजिटल साक्षरता के लिए भी धनराशि आवंटित की गयी है।

सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए 11,166.18 करोड़ रुपये की अनुदान की पूरक मांगे लोकसभा में पेश कीं। सरकार ने यह अतिरिक्त धनराशि वस्तु एवं सेवा कर के प्रचार तथा पेट्रोलियम और गैस मंत्रालय के लिए मांगी है।

वित्त मंत्री अरुण अरुण जेटली ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2017-18 के लिए अनुदान की मांगों के साथ-साथ 2014-15 के लिए अतिरिक्त मांगें भी रखीं। चालू वित्त वर्ष की अनुदान की पूरक मांगों में 61 अनुदान और तीन विनियोग शामिल हैं।

वैसे अनुदान की पूरक मांगों से सरकार के राजकोषीय घाटे की स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा। दरअसल अनुदान की पूरक मांगों की सकल राशि 11,166.18 करोड़ रुपये जबकि शुद्ध राशि 10,647.45 करोड़ रुपये है। इसमें 517.72 करोड़ रुपये विभिन्न मंत्रालय की बचत के रूप में दिखाए गए हैं। इसलिए माना जा रहा है कि सरकार राजकोषीय घाटे को काबू रखने में कामयाब रहेगी।

सरकार ने अनुदान की पूरक मांगों में से 7,000 करोड़ रुपये की मांग पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के लिए की गयी है। इस राशि का इस्तेमाल राज्य सरकारों को रॉयल्टी के भुगतान के लिए किया जाएगा। साथ ही 386 करोड़ रुपये वस्तु एवं सेवा कर के प्रचार-प्रसार पर खर्च किए जाएंगे।

इसमें से 250 करोड़ रुपये का आवंटन जीएसटी के बारे में जागरूकता लाने तथा 99.34 करोड़ रुपये जीएसटी नेटवर्क को भुगतान के लिए किया गया है। जीएसटी पोर्टल के लिए 37.09 करोड़ रुपये के लिए खर्च किये जाएंगे।

इसके अलावा अनुदान की पूरक मांगों में प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता के लिए 50 करोड़ रुपये तथा भीम एप के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। साथ ही 500 करोड़ रुपये की धनराशि दालें खरीदने के लिए अतिरिक्त दी गयी है। यह धनराशि मूल्य स्थिरता कोष के माध्यम से दी गयी है।