छह महीने तक सख्ती नहीं करेंगे कर अधिकारी : सीबीईसी प्रमुख

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सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतें दूर करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है

नई दिल्ली। किसी वस्तु या सेवा पर तय जीएसटी रेट में तभी बदलाव होंगे जब पहले की तुलना में टैक्स अंतर बहुत ज्यादा हो। सीबीईसी की चेयरपर्सन वनजा सरना ने बुधवार को सीआईआई के कार्यक्रम में यह बात कही। उनका यह बयान इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है कि टेक्सटाइल ट्रेडर फैब्रिक पर 5% टैक्स को हटाने की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, सरकार चाहती है कि इंडस्ट्री नई टैक्स व्यवस्था को अच्छी तरह समझ ले। शुरू में कम जानकारी के कारण गलतियां हो सकती हैं। इसलिए नियमों के पालन में रेवेन्यू अफसर छह महीने तक सख्ती नहीं करेंगे। मंगलवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी संसद में कहा था कि टेक्सटाइल पर टैक्स कम नहीं किया जाएगा।

सीबीईसी प्रमुख ने माना कि जीएसटी पर अमल करने में कई परेशानियां आईं। कुछ मुद्दों को स्पष्ट करने के लिए जल्दी ही दूसरा एफएक्यू जारी किया जाएगा। सरना ने कहा, ‘यह ऐसा विवाद नहीं जिसका समाधान नहीं निकल सकता। मुद्दा यह है कि टेक्सटाइल सेक्टर पर पहली बार टैक्स लगा है।

जो पहली बार टैक्स दायरे में आएगा, उसे यह चुभेगा ही। टेक्सटाइल ट्रेडरों की डिमांड मिली है, सरकार उन पर विचार कर रही है।’ सरकार इंडस्ट्री की दिक्कतें दूर करने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। ट्विटर अकाउंट पर रोजाना 13,000 सवाल रहे हैं।

सीबीईसी ने अलग-अलग इंडस्ट्री सेक्टर की समस्याओं के निवारण के लिए 18 ग्रुप बनाए हैं। इनमें से तीन ने रिपोर्ट दे दी है। लॉ कमेटी इन पर विचार कर रही है। इंडस्ट्री की मदद के लिए अभी ये टीमें बनी रहेंगी।

इंडस्ट्री अब भी रख सकती है अपनी मांगें
जीएसटीरेट और नियमों को लेकर इंडस्ट्री की दिक्कतें हो सकती हैं। वे अब भी अपनी मांगें रख सकते हैं। पहली जुलाई आखिरी तारीख नहीं थी। लेकिन जब तक टैक्स में बहुत ज्यादा अंतर हो, रेट कम करना संभव नहीं है।