कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल जीएसटी के विरोध में उतरी

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पूरे देश में कालीन उद्योग बंदी की कगार पर है। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले कानून को खत्म नहीं किया जाता।

भदोही । केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय के अधीन संचालित कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल ने आज कालीन उद्योग से जुड़ी वस्तुओं पर 18 प्रतिशत माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाये जाने के विरोध में जुलूस निकाला।

कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल और अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में मर्यादपट्टी स्थित कालीन भवन से एक जुलूस निकाला गया जिसका नेतृत्व काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने किया।

संघ के अध्यक्ष गुलाम शरफुद्दीन अंसारी और काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने भदोही तहसील पहुंचे जुलूस में लोगों को संम्बोधित करते हुए कहा कि जीएसटी एक एक काला कानून है।

उन्होंने कहा कि अब तक 50 से अधिक ग्यापन मुख्यमंत्री से लेकर केन्द्र सरकार तक को दिये जा चुके हैं, मगर उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आज पूरे देश में कालीन उद्योग बंदी की कगार पर है। यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इस काले कानून को खत्म नहीं किया जाता।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संम्बोधित एक ग्यापन उपजिला अधिकारी आशीष कुमार को सौंपा गया। मालूम हो कि कपड़ा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल सरकार के विाीय मदद से चलती है।

कार्पेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउन्सिल के चेयरमैन राजा शर्मा ने कालीन उद्योग पर लागू 18 प्रतिशत जीएसटी को खत्म करने की मांग की और कहा कि जब कभी भी पूरे देश में इस तरह का कोई कर कालीन उद्योग पर नहीं था तो अब इसे क्यों लगाया गया है।

शर्मा ने कहा कि कालीन उद्योग में उत्पाद को बुनाई ,डाइंग ,वाशिंग और फिनिशिंग सहित अनेक प्रक््िरुयाओं से गुजर कर बनाया जाता है और अब इसके लगने से हमें कम से कम 50 जगह इसकी इंट्री करनी होगी, जो सम्भव नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि जीएसटी के विरोध में कालीन उद्योग में बंदी से अब तक एक हजार करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हो चुका है।