जीएसटी लागू होने के 15 दिन बाद भी आयातक मुश्किल में

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आयात हुए सामान को छुड़ाने के लिए कस्टम क्लियरिंग एजेंट को पेपर फाइल करने में दिक्कत आ रही है।

नई दिल्ली । वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू होने के 15 दिन बाद आयातकों के सामने कारोबार संचालित करने का संकट खड़ा हो गया है। अभी तक केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग की साइट पर कस्टम टैरिफ हेड (सीटीएच) फीड नहीं हो सका है।

इस कारण आयात हुए सामान को छुड़ाने के लिए कस्टम क्लियरिंग एजेंट को पेपर फाइल करने में दिक्कत आ रही है। इससे पोर्ट से लेकर वेयर हाउस तक 15 दिन की वेटिंग हो गई है।

नोएडा सहित एनसीआर के 10 हजार आयातकों ने इससे परेशान होकर नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) सहित भारतीय उद्योग व्यापार मंडल से राहत की गुहार लगाई है।

आयातकों ने बताया कि वेयर हाउस से 24 घंटे में आयात हुआ सामान छुड़ाने का प्रावधान जीएसटी में शामिल किया गया है। उसे न छुड़ाने पर प्रतिदिन 5000 रुपये पेनाल्टी के साथ-साथ भारी भरकम ब्याज भी चुकाना पड़ रहा है।

यह इसलिए है कि दस मिनट में जिस काम को पूरा किया जा सकता है, उसके लिए दो से तीन दिन आयातकों को वेयर हाउस पर लगाने पड़ रहे हैं।

कारण यह है कि आयातित एक-एक आइटम का सीटीएच उद्यमियों को खुद कंप्यूटर पर फीड कराना पड़ रहा है। जबकि कस्टम विभाग की साइट साफ्टवेयर अपडेट के लिए 19 जून से पांच जुलाई तक बंद रखी गई थी।

एक माह पूरे होने को हैं, साफ्टवेयर अभी तक अपडेट नहीं हो सका है। कस्टम विभाग की साइट पूरी तरह से काम कर रही है। यदि किसी भी आयातक को कोई दिक्कत है, तो कार्यालय पर संपर्क कर सकता है।

समस्या का तत्काल निदान किया जाएगा। वेयर हाउस पर किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं है। सैय्यद हैदर हसन, प्रधान आयुक्त, केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभागकस्टम विभाग की साइट पर आयातकों को समस्या हो रही है।

इसकी जानकारी आई है, लेकिन इसमें किस प्रकार की दिक्कत है, इसके लिए लिखित में समस्याओं की जानकारी मांगी गई है। आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश जीएसटीजीएसटी का अभी शुरुआती फेज चल रहा है।

ऐसे में किसी के ऊपर पेनाल्टी लगाना उचित नहीं है। कस्टम विभाग को बहुत ही शालीनता से के साथ काम करना होगा।
विपिन मल्हन, अध्यक्ष, नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए)एक आयातक ने अपनी रिपोर्ट मेरे पास प्रस्तुत की है।

By Surbhi Jain