नीति आयोग ने हैल्थ केअर में मेडकार्ड्स के कोटा प्रोजेक्ट को सराहा

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16वें यंग टक्र्स काॅन्क्लेव, नई दिल्ली में देश के 100 से अधिक आंत्रप्रिन्योर हुए शामिल। कर्नाटक सरकार ने मेडकाॅर्ड्स को दिया न्यौता।

अरविंद, कोटा।
केंद्रीय औद्योगिक नीति व संवर्द्धन विभाग के सचिव एवं स्टार्टअप प्रमुख रमेश अभिषेेक ने कहा कि हैल्थकेअर डाटा सुरक्षित रखने के लिए मेडकार्ड्स अच्छी पहल है।

आंत्रप्रिन्योर श्रेयांस मेहता

दो युवा आईटी विशेषज्ञों ने देश के किसी बडे़ शहर की बजाय कोटा के सरकारी अस्पताल से इसकी शुरूआत की।

संभवतः मेडकाॅर्ड्स देश व दुनिया में पहली कंपनी है, जिसने स्मार्टफोन व साधारण फोन रखने वाले जरूरतमंदों के लिए डिजिटल एप सुविधा उपलब्ध कराई। इस सुविधा से समूचे देश में मरीजों की स्वास्थ्य समस्याएं स्मार्ट तरीके से हल होगी।

सीएनबीसी द्वारा नई दिल्ली में हुए 16वें यंग टक्र्स काॅन्क्लेव मेडकाॅड्र्स के सीईओ श्रेयांस मेहता ने बताया कि देश की 60 प्रतिशत आबादी अपना मेडिकल खर्च वहन नहीं कर पाती है।

हमने कोटा के सबसे पिछडे़ सरकारी अस्पतालों से हैल्थ केअर इको सिस्टम की शुरूआत की। बातचीत में कर्नाटक के आईटी मंत्री प्रियंक खर्गे ने कहा कि कनार्टक में भी इस स्टार्टअप को रजिस्टर कीजिए, राज्य सरकार इसे लागू करने में भरपूर सहयोग करेगी। इस पर सीईओ निखिल बाहेती ने कहा कि पहले चरण में हम अपनी जन्मभूमि कोटा व राजस्थान छोड़कर बाहर नहीं जाएंगे।

2030 नए स्टार्टअप से आई क्रांति
समारोह में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा कि 2020 तक देश में 1 लाख स्टार्टअप को प्रोत्साहन दिया जाएगा। करों में 50 प्रतिशत तक छूट मिलने से 9 राज्यों में 2030 अधिकृत स्टार्टअप प्रारंभ हुए हैं। हजारों शिक्षित युवाओं ने आइडिया पर अमल किया और उसे एक कंपनी में बदल दिया।

सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ की फ्लेगशिप योजना में इनोवेेशन, क्रिएशन व कोलाॅब्रेशन पर फोकस किया है। सीएनबीसी के 16वें यंग टक्र्स काॅन्क्लेव में उन्होने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया-इजराइल इनोवेशन ब्रिज का करार किया, जिसमें पानी व हैल्थ में दोनों देश के आंत्रप्रिन्योर मिलकर काम करेंगे।

स्टार्टअप इंडिया के प्रमुख रमेश अभिषेक ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, निकट भविष्य में नए रोजगार का सृजन युवा ही करेंगे। उन्होंने युवाओं से कहा कि आप प्राॅब्लम बताओ, हम मिलकर उसमें सुधार करेंगे। इस समय 4206 स्टार्टअप रजिस्टर्ड हो चुके हैं।

गत 2 वर्षों में वेबसाइट  startupindiahub.org.in के जरिए औंत्रप्रिन्योरशिप की 56,000 समस्याओं का हल हुआ। समारोह में देश की 100 प्रमुख स्टार्टअप कंपनियों के सीईओ शामिल हुए। सीएनबीसी के एमडी शेरीन भान ने आभार जताया।

अब रोटी-कपड़़ा-मकान और मोबाइल
फेसबुक के भारत में सीईओ उमंग बेदी ने कहा कि भारत में तीन देश अलग-अलग रूप में बसते हैं। नए इनोवेशन व स्टार्टअप तीनों भारत की समस्याओं को हल कर सकते हैं । आज रोटी-कपड़ा-मकान के साथ मोबाइल भी जुड़ गया है। फेसबुक से दुनिया के 200 करोड़ यूजर्स जुडे़ हैं।

भारत में 97 फीसदी यूजर्स मोबाइल से फेसबुक पर काम करते हैं। यही वजह है कि टीवी से 7 गुना ज्यादा लोग मोबाइल से जुडे़ हुए हैं। देश में अमेरिका से 2 गुना ज्यादा इंटरनेट यूजर्स हैं। सोशल मिडिया के प्रयोग से महिलाओं ने 2 मिलियन यूएस डाॅलर के बिजनेस किए हैं।

उन्होंने बताया कि फेसबुक ने डाटा सांइस का इस्तेमाल कर नई मुहिम शुरू की है। देश में डाटा सस्ता हो जाने से 130 गीगाबाइट डाटा हर महीने प्रयोग होने लगा है। 2020 तक भारत में 75 करोड़ मोबाइल यूजर्स होंगे।

इनोवेशन से नई कंपनियों का सृजन
नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्टार्टअप के लिए करों में 50 प्रतिशत तक छूट तथा वित्तीय  सहायता मुहैया कराने से युवाओं का रूझान बढ़ा।

केद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा वर्ष 2017-18 में नवाचार के लिए 1800 करोड़ की मदद दी जाएगी। पिछले 2 माह में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम व अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों से प्रशिक्षित युवाओं ने मिलकर विभिन्न राज्यों में 1000 से अधिक स्टार्टअप चालू किए।