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Tuesday, August 21, 2018
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एनसीडैक्स भी आयकर विभाग की जांच के घेरे में

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नई दिल्ली। देश में दालों की कीमतों में साल 2015 में आई अप्रत्याशित तेजी पर अपनी पहली रिपोर्ट में आयकर विभाग ने व्यक्ति विशेष को अंकित करते हुए दालों के खेल और देश की जनता के साथ हुए खिलवाड़ का सच सामने रखा है। आयकर विभाग की जांच में देश की सबसे बड़ी एग्री कमोडिटीज़ एनसीडैक्स भी जांच के घेरे में हैं।

हालांकि एनसीडैक्स ऐसे कई बड़े विवादों में पहले भी फंस चुकी है जिसके चलते कमोडिटी वायदा कारोबार की विश्वसनियता का ना सिर्फ स्तर गिरा है बल्कि बाजारों में भागीदारी भी कम हुई है। आयकर विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा है कि एनसीडैक्स की भागीदारी को नकारा नहीं जा सकता।

दालों के कार्टेल ने एनसीडैक्स का प्रयोग किया है और एनसीडैक्स को नियन्त्रित किया है। दरअसल, जनवरी 2015 में एनसीडैक्स को उड़द, तुअर, पीले मटर सहित कुल 7 कमोडिटीज़ में और कारोबार करने कीअनुमति मिल गई थी। इससे पहले एनसीडैक्स पर कुल 19 कमोडिटीज़ पर कारोबार हो रहा था। 

एनसीडैक्स सट्टे का अड्डा 

इसी पारदर्शिता की आढ़ पर देश की आम जनता के साथ दाल कारोबारियों के साथ मिलकर उनकी जेब और उनके विश्वास पर कैंची चला दी गई। आयकर विभाग ने साफ किया कि जिस समय एक्सचेंज को इन सात कमोडिटीज़ में कारोबार की अनुमती दी गई तब एक्सचेंज ने ये भरोसा दिलाया था कि ये 100% डिलीवरी पर आधारित होंगे।

लेकिन केवल 1% से 2% सौदों की ही डिलीवरी हुईं। आयकर विभाग ने एक्सचेंज को पूरी तरह से सट्टे का अड्डा बताया। आयकर विभाग ने साफ किया है कि एक्सचेंज का इस्तेमाल बाजार को नियन्त्रित करने के लिए किया गया है। आयकर विभाग ने बताया कि एडलवाइज़ ने जांच से बचने के लिए कैस्टर की डिलीवरी ली।

आयकर विभाग ने खुलासा किया कि EC कमोडिटीज़ जिसे पूजा मित्तल देखती हैं और जो एडलवाइज़ की ब्रोकर हैं ने एनसीडैक्स से कैस्टर सीड की डिलीवरी ली जबकि उन्होंने एनसीडैक्स पर कोई सौदा नहीं किया था और उसे एडलवाइज़ को बेच दिया। आयकर विभाग एनसीडैक्स के सौदों की जांच कर रहा है और इसमें कई और खुलासे भी सामने आ सकते हैं। 

लटकी चना वायदा पर तलवार
हाल फिलहाल में एनसीडैक्स पर चने के वायदा कारोबार को फिर से शुरु होने की खबरों ने जोर पकड़ा था, और उम्मीद जताई जा रही थी कि आने वाले 7-10 दिनों में एनसीडैक्स पर चने का वायदा फिर शुरु हो सकता है लेकिन चने के वायदा के लांच पर तलवार लटक रही है। सेबी ने साफ किया है कि दालों में हुए स्कैम की जांच की जाऐगी और इसमें छब्क्म्ग् की भागीदारी की भी जांच होगी। 

एनसीडैक्स  का जवाब 
उधर एनसीडेक्स ने इस मामले में स्पष्ट किया है कि एक्सचेंज डील संकट में मददगार होने की ईपीडब्ल्यू रिपोर्ट में किए गए आरोपों को जोरदार रूप से खारिज करता है। ये पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। आईटी विभाग ने दिसंबर 2015 में एक नियमित सर्वेक्षण किया था और एक्सचेंज विभाग के साथ पूरी तरह सह-संचालन कर रहा था। 

फॉरवर्ड सेगमेंट को सितंबर 2014 में पेश किया गया था। एक फॉरवर्ड व्यापार एक द्विपक्षीय समझौता था, जो दो पक्षों के बीच एक संपत्ति या किसी वस्तु की गुणवत्ता या विनिर्दिष्ट मात्रा और गुणवत्ता की वस्तु को पारस्परिक रूप से सहमत प्रसव मूल्य पर खरीदने या बेचने के लिए था। फरवरी 2015 में फॉरवर्ड सेगमेंट में व्यापार किया गया था। हालांकि, जनवरी 2016 में निलंबन तक तक किसी भी व्यापार के बाद के क्षेत्र में उदय और तुर्लय में कोई भी व्यापार पंजीकृत नहीं हुआ था।