गलत ITR भरा तो वेतनभोगियों की खेर नहीं , IT डिपार्टमेंट की चेतावनी

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नई दिल्‍ली। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने सैलरी़ड क्‍लास के लोगों को गलत इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल करने वालों को चेेतावनी दी है। डिपार्टमेंट ने कहा है कि अगर कोई सैलरीड पर्सन इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम को कम करके दिखाता है या इनकम टैक्‍स नियमों का उल्‍लंघन करता है तो उसके खिलाफ न सिर्फ मुकदमा दर्ज किया जाएगा बल्कि उसके एम्‍पलॉयर को भी उसके खिलाफ एक्‍शन के लिए कहा जाएगा। इसके दायरे में सरकार के और पीएसयू के कर्मचारी आएंगे।

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर एक एडवाइजरी जारी की है कि सैलरीड क्‍लास के टैक्‍सपेयर्स को ऐसे टैक्‍स एडवाइजर्स या प्‍लानर्स की सलाह पर अमल नहीं करना चाहिए जो टैक्‍स बेनेफिट लेने के लिए गलत क्‍लेम तैयार करने में उनकी मदद करते हैं। इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने सैलरीड क्‍लास के टैक्‍सपेयर्स द्वारा इनकम कम दिखाने की रिपोर्ट्स पर चिंता जताते हुए यह एडवाइजरी जारी की है।

इनकम टैक्‍स एक्‍ट के तहत चलाया जा सकता है मुकदमा
एडवाइजरी में कहा गया है कि सैलरीड क्‍लास का टैक्‍स पेयर अगर इनकम टैक्‍स रिटर्न में अपनी इनकम को कम दिखाता या ज्‍यादा छूट क्‍लेम करता है तो ऐसे अपराध के लिए जुर्माने के साथ मुकदमा भी चलाया जा सकता है। इसलिए विभाग ने सैलरीड क्‍लास के लोगों को इस तरह के अपराध से बचने की सलाह दी है।

टैक्‍स रिफंड में सामने आया फ्रॉड का मामला
इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने हाल में टैक्‍स रिफंड में फ्रॉड का मामला सामने आने के बाद जारी की है। जनवरी में बेेंगलुरू में बेलवेदर इन्‍फार्मेशन टैक्‍नोलॉजी कंपनीज के कर्मचारियों द्वारा में फ्रॉड के जरिए टैक्‍स रिफंड लेने का मामला सामने आया था। इस मामले में कथित तौर पर टैक्‍स एडवाजर कर्मचारियों की मदद कर रहा था। सीबीआई ने इस मामले में हाल में आपराधिक मामला दर्ज किया है।