कोर्ट के आदेश भी नहीं मान रही कंचनजंगा सोसायटी, गैस कनेक्शन में परेशानी

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कोटा। राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड (आरएसजीएल) की ओर से राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में अब बारां रोड स्थित कंचनजंगा अपार्टमेंट सोसायटी के लोग ही रूकावटें खड़ी कर रहे है। जिला न्यायालय ने भी इस प्रोजेक्ट को जनपयोगी बताया है।

वहीं इस मामले में डीजे कोर्ट में दायर मामले में निर्णय भी राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के पक्ष में आया है। जिला कलक्टर रोहित गुप्ता के हस्तक्षेप के बाद भी कंचनजंगा अपार्टमेंट सोसायटी में घरेलू गैस कनेक्शन देने में कंपनी को अड़चन आ रही है, जिसका नुकसान स्थानीय लोगों को ही होगा।

राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड के प्रबंध निदेशक रवि अग्रवाल व डीजीएम प्रोजेक्ट एवं ऑफिसर इंचार्ज एसडी वर्मा ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने 30 मार्च 2018 को राजस्थान स्टेट गैस लिमिटेड को कोटा स्थित घरों में गैस पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी।

इसके तहत कंपनी को चार हजार घरों तक पाइपलाइन के जरिए रियायती दरों पर गैस की सप्लाई करनी थी। कोटा के बारां रोड स्थित कंचनजंगा सोसायटी में डिस्ट्रिब्यूटरी रेगुलेटरी सिस्टम के तहत लोगों के घरों तक गैस पहुंचाने का काम शुरू करने से पहले ही कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

उनका तर्क था कि इस प्रकार से गैस की सप्लाई सुरक्षित नहीं है। लोगों के विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों, कंपनी के प्रतिनिधियों और कंचनजंगा सोसायटी के प्रतिनिधियों की मीटिंग में तय हुआ कि डीआरएस सिस्टम लगाने के लिए कंपनी सोसायटी को सात हजार रुपए प्रतिमाह किराया व आठ हजार रुपए सिक्योरिटी के नाम पर देने पर सहमति बनी थी। सहमति बनने के बाद फिर से सोसायटी के लोगों ने सुरक्षा पर सवाल उठाए।

इस पर एडीएम सिटी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों और कंचनजंगा सोसायटी के प्रतिनिधियों को पाइपलाइन के जरिए सप्लाई की पूरी फिल्म दिखाकर संतुष्ट किया गया। इसमें बताया गया कि यह सिस्टम कितना सुरक्षित और उपयोगी हो सकता है। इस दौरान यह मामला डीजे कोर्ट में चला गया और कोर्ट ने निर्णय कंपनी के हक में देते हुए इस प्रकार की गैस सप्लाई को जनपयोगी और बेहतर बताया है।

कोर्ट के निर्णय के बाद फिर से कंपनियों के अधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार की है कि वे गैस कनेक्शन का काम शुरू करने में मदद करें। कंपनी के अधिकारियों के समाने दिक्कत यह है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी वह इस जनपयोगी काम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इससे सरकार की योजना को भी नुकसान हो रहा है।

मात्र कुछ लोगों के कारण ही इस काम में अड़चन आ रही है। कंपनी के अधिकारियों से प्रशासन से अपील की है कि वह इस काम को जल्द से जल्द पूरा करवाने में सहयोग करे। पत्रकारवार्ता के दौरान गैस कंसलटेंसी कंपनी मेकोन के उप महाप्रबंधक एके सिल समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।