चार साल के ऊपरी स्तर पर पहुंचा पेट्रोल, डीजल अब तक का सबसे महंगा

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नई दिल्ली। सोमवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर से चढ़ गईं। पेट्रोल प्राइस जहां चार साल के ऊपरी स्तर को छू रही है, वहीं डीजल देश में अब तक सबसे महंगा बिक रहा है। विभिन्न महानगरों में सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 10-11 पैसे प्रति लीटर जबकि डीजल की कीमत में 11-12 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है।

दिल्ली में पेट्रोल की कीमत सितंबर 2014 के बाद सबसे ऊंची हो गई जबकि मुंबई और चेन्नै में पेट्रोल के दाम जुलाई 2014 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर आ गए हैं। वहीं, कोलकाता में पेट्रोल अगस्त 2014 के बाद सबसे महंगा बिक रहा है। इंडियन ऑइल पंपों पर दिल्ली में पेट्रोल 73.83 रुपये प्रति लीटर जबकि मुंबई में यह 81.69 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं सोमवार को कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 76.54 रुपये और चेन्नै में 76.59 रुपये प्रति लीटर है।

इन महानगरों में डीजल का हाल भी कुछ ऐसा ही है। इडियन ऑइल पंपों पर दिल्ली में यह 64.69 रुपये, मुंबई में 68.89 रुपये, कोलकाता में 67.38 रुपये जबकि चेन्नै में 68.24 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस तेजी की वजह वैश्विक स्तर पर इनकी मांग जोर पकड़ने को बताया जा रहा है।

दरअसल, केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी तो राज्य सरकारें वैट और पलूशन सेस के नाम पर पेट्रोल-डीजल के ग्राहकों से मोटी रकम वसूलती हैं। इस तरह पेट्रोल-डीजल के दाम लागत से दोगुने हो जाते हैं। आइए देखतें हैं क्रूड ऑइल के भाव से लेकर आप तक पहुंच पेट्रोल-डीजल की दरों के पाई-पाई का हिसाब…

प्रति लीटर क्रूड ऑइल की कीमत
दिसंबर महीने में इंडियन बास्केट के कच्चे तेल की कीमत 62.29 डॉलर प्रति बैरल थी। 12 दिसंबर को एक डॉलर की वैल्यु 64.55 रुपये थी। इस हिसाब से दिसंबर महीने में कच्चे तेल का भाव 64.55×62.29 = 4,021 रुपये प्रति बैरल रहा। चूंकि एक बैरल में 159 लीटर होता है। इसलिए प्रति लीटर कच्चे तेल की कीमत 4,021 ÷ 159 = 25.28 रुपये।

सरकारों के टैक्स से पहले की कीमतें
विदेशों से आए क्रूड ऑइल की खेप भारत की रिफाइनरीज में पहुंचती है। यहां तक पहुंचने और रिफाइन होने के बाद पेट्रोल पंपों तक पहुंचने में कुछ लागत आती है। इसका आंकड़ा इस प्रकार है। एंट्री टैक्स, रिफाइनरी प्रोसेसिंग, लैंडिंग कॉस्ट एवं मार्जिन समेत अन्य ऑपरेशन कॉस्ट – पेट्रोल पर 3.68 रुपये और डीजल पर 6.37 रुपये प्रति लीटर। यानी अब पेट्रोल की कीमत 25.28 रुपये + 3.68 रुपये = 28.86 रुपये जबकि डीजल की कीमत 25.28 रुपये + 6.37 रुपये\= 31.65 रुपये हो गई।

फिर प्रति लीटर पेट्रोल पर 3.31 रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 2.55 रुपये ऑइल मार्केटिंग कंपनियों की मार्जिन, ढुलाई और फ्रेट कॉस्ट आती है। यानी अब प्रति लीटर पेट्रोल 28.86 रुपये + 3.31 रुपये = 32.17 रुपये जबकि प्रति लीटर डीजल 31.65 रुपये + 2.55 रुपये = 34.20 रुपये का हो गया।

केंद्र और राज्यों के टैक्स से दाम दोगुने
अब केंद्र सरकार का एक्साइज टैक्स प्रति लीटर पेट्रोल पर 19.48 रुपये और प्रति लीटर डीजल पर 15.33 रुपये। यानी अब पेट्रोल की कीमत 32.17 रुपये + 19.48 रुपये = 51.65 रुपये जबकि डीजल की कीमत 34.20 रुपये + 15.33 रुपये = 49.53 रुपये हो गई।

पेट्रोल पंप डीलरों के कमीशन
अब इसमें पेट्रोल पंप डीलरों का कमिशन जुड़ता है और पेट्रोल की दर 51.65 रुपये + 3.59 रुपये = 55.24 रुपये और डीजल का भाव 49.53 रुपये + 2.53 रुपये = 52.06 रुपये हो गया। इस पर राज्य सरकारें अलग-अलग दर से वैट और पलूशन सेस वसूलती हैं। अब नीचे देखें कि कौन से राज्य पेट्रोल और डीजल पर कितना सेल्स टैक्स/वैट वसूलते हैं-

अब यह भी देखिए कि अगर राज्य सरकारें सेल्स टैक्स/वैट नहीं लें तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें कितनी कम हो जाएंगी..

अब यह भी देख लीजिए कि सरकारों को पेट्रोलियम पदार्थों से कब किस मद से कितनी आमदनी हुई…