बुलेट ट्रेन कॉरिडोर: ब्रिज और टनल के डिजाइन का 80% काम पूरा

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नई दिल्ली। देश की पहली हाई स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से चल रहा है। यह ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच 508 किलोमीटर की दूरी में चलेगी। प्रोजेक्ट के कामकाज का जिम्मा नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन (एनएचएसआरसी) के पास है।

कंपनी के एमडी अचल खरे के मुताबिक, हाई स्पीड कॉरिडोर के ब्रिज और टनल के डिजाइन का काम 80% पूरा हो चुका है। साथ ही महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बता दें कि पिछले साल नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अाबे ने इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। 2022 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।

1) महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण का काम शुरू
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अचल खरे ने बताया कि हाई स्पीड कॉरिडोर के ब्रिज और टनल के डिजाइन दिल्ली, मुंबई और जापान की कंपनियों ने तैयार किए हैं। इसके लिए सर्वे और मिट्टी का टेस्ट चल रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स से शुरू होगा और अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर खत्म होगा।
– शुरुआती तौर पर महाराष्ट्र और गुजरात में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुलेट ट्रेन का रूट महाराष्ट्र के 108 गांवों से गुजरेगा। अधिग्रहण के लिए पालघर जिले के 17 गांव के किसानों को नोटिस दिया है। उन्हें मौजूदा मार्केट रेट के मुताबिक मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान है।
2) भूकंप और हवा की गति जानने के लिए मीटर लगेंगे
– कंपनी के मुताबिक, बुलेट ट्रेन का पूरा रूट भूकंपरोधी होगा। इसके लिए सीस्मोमीटर लगाए जाएंगे। साथ ही हवा का रूख और गति जानने के लिए विंड मीटर सिस्टम भी लगेंगे। ट्रेन की स्पीड हवा की गति पर निर्भर करेगी। अगर हवा 30 मीटर/सेकंड की रफ्तार से चलेगी तो ट्रेन रोक दी जाएगी।
3) अनहोनी होने पर 10 मिनट के अंदर राहत मिलेगी
– 508 किलोमीटर लंबा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बेहद आसान बनाया जाएगा। हालांकि, अनहोनी की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने के लिए सिस्टम बनेगा। साथ ही ऐसे इंतजाम भी होंगे कि कॉल मिलने के बाद 10 मिनट के अंदर पैसेंजरों तक राहत पहुंचाई जा सके।

4) 320 Kmph होगी बुलेट ट्रेन की स्पीड
– बुलेट ट्रेन की अधिकतम स्पीड 320 Kmph होगी। साथ हर 320 सेकंड में यह 18 किलोमीटर दूरी तय करेगी। बांद्रा कॉम्प्लेक्स से ठाणे पहुंचने में ट्रेन को 10 और पालघर पहुंचने में 24 मिनट का वक्त लगेगा।
– फिलहाल, पीक ऑवर में 3 और नॉन पीक ऑवर में 2 ट्रेन चलाने की योजना है। दो तरह से ट्रेन ऑपरेशन होगा। एक तरह की ट्रेन कुछ स्टेशनों (बांद्रा कॉम्प्लेक्स, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती) पर रुकेंगी और दूसरी मुंबई से साबरमती के बीच हर स्टेशन पर स्टॉप लेंगी।

5) रोजाना कुल बुलेट ट्रेन के 70 फेरे लगेंगे
– अचल खरे ने बताया कि मुंबई और अहमदाबाद के बीच अप-डाउन ट्रैक पर बुलेट ट्रेन रोजाना 35-35 (कुल 70) फेरे लगाएगी। इस दौरान 40 हजार पैसेंजरों के सफर करने का अनुमान है।
– लॉन्चिंग से पहले कंपनी खाली बुलेट ट्रेन का 10 किलोमीटर तक ट्रायल रन करेगी। इसमें यात्रियों के लिए 10 कोच बिजनेस और 9 स्टैंडर्ड क्लास के होंगे।

6) क्या है बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट?

– पिछले साल नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अाबे ने इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। 2022 तक इसके पूरा होने की उम्मीद है।
– बुलेट ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई के बीच चलेगी। इसके शुरू होने पर दोनों शहरों के बीच की दूरी 7 घंटे से घटकर 3 रह जाएगी।
– 508 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 4 महाराष्ट्र और 8 गुजरात में बनेंगे।