हॉस्टल में मोबाइल एप से होगी कोचिंग छात्रों की मोनेटरिंग

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कोटा। अब कोचिंग स्टूडेंट्स के हॉस्टल में आने व जाने के साथ उनके इनएक्टिव रहने का नोटिफिकेशन भी पेरेंट्स तक पहुंचेगा। एक निजी कंपनी ने रियल टाइम हॉस्टल मैनेजमेंट एप विकसित किया है। अब तक एसएमएस के जरिए ही स्टूडेंट्स के आने व जाने की सूचना पेरेंट्स तक पहुंचती थी।

वहीं, पेरेंट्स भी नोटिफिकेशन के लिए टाइमर सेट कर सकेंगे। इस दौरान स्टूडेंट कितनी बार हॉस्टल आया व गया, इसकी जानकारी उनको मिलेगी। अगर इस दौरान स्टूडेंट की कोई एक्टिविटी नहीं हुई तो पेरेंट्स के साथ वार्डन को नोटिफिकेशन मिलेगा। इनएक्टिव रहने की स्थिति में सबसे पहले वार्डन की जिम्मेदारी होगी कि वह स्टूडेंट से मिले। इस अवधि में पेरेंट्स भी स्टूडेंट, उसके वार्डन व हॉस्टल संचालक से संपर्क कर पाएंगे।

उधर, हॉस्टल एसोसिएशन की गाइडलाइन के बावजूद अब तक कोटा के 20 प्रतिशत हॉस्टल में भी हैंगिंग फ्री डिवाइस नहीं लगे हैं। नए सेशन में हैंगिंग फ्री डिवाइस पर भी ध्यान नहीं दिया रहा है। जिला प्रशासन व हॉस्टल एसोसिएशन भी इस पर चुप ही बैठे हैं।

ऐसे काम करेगा एप :बायोमैट्रिक्स मशीन को इंटरनेट से जोड़ा गया है। इसके सर्वर में माता-पिता और वार्डन के मोबाइल नंबर रहेंगे। वार्डन व पेरेंट्स को एंड्रायड एप डाउनलोड करना होगा। जैसे ही बच्चा हॉस्टल से निकलेगा या आएगा नोटिफिकेशन पहुंच जाएगा। इसकी कीमत अन्य बायोमैट्रिक्स के जितनी ही है। कंपनी के प्रतिनिधि गुलजार हुसैन ने बताया कि इसको खासतौर पर कोटा के स्टूडेंट्स के लिए तैयार किया गया है।