कश्मीर मुद्‌दे का हल सेना से नहीं, राजनीति से होगा : चीता

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कोटा। कश्मीर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब इसका हल आर्मी से नहीं होने वाला है। इसका हल निकालने के लिए स्ट्रांग पॉलिटिकल पावर की जरूरत है। यह बात सीआरपीएफ के कमांडेंट चेतन चीता ने कही। वे अपने परिवार के साथ मंगलवार शाम को नई दिल्ली से कोटा पहुंचे थे।

चीता 14 फरवरी 2017 को कश्मीर के बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में 3 जवानों की मौत हो गई थी। मुठभेड़ के दौरान चीता को 9 गोलियां लगी थीं। अब वे ड्यूटी ज्वाइन कर चुके हैं।

चीता ने कहा कश्मीर की नई पीढ़ी बंदूक और सेना के बीच में बड़ी हुई है। उन्हें सेना से डर नहीं लगता। पत्थरबाज ऐसे माहौल के आदि हो गए हैं। उन्होंने गोलियों को बचपन से चलते देखा है।

इसलिए वे बेखौफ हो गए हैं। भारत भी कभी कश्मीर छोड़ नहीं सकता और न कभी सेना हटेगी। राजनीतिक दलों को पॉजिटिव सोच के साथ इसका हल निकालना पड़ेगा।

अभी होना है हाथ का बड़ा ऑपरेशन : चीता ने दोबारा ड्यूटी ज्वाइन कर ली है। अभी उनके हाथ के ऑपरेशन होंगे। इसमें 24 से 28 लाख रुपए तक खर्च आएगा। इसके लिए वे इंग्लैंड और मुंबई के डॉक्टरों को दिखाकर आए हैं। ऑपरेशन से पहले वे गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी मिलेंगे।