सरकार ने वित्तीय वर्ष 17 के 81,683 करोड़ के लोन बट्टे खाते में डाले

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नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान सरकारी बैंकों के 81,683 करोड़ के लोन को बट्टे खाते में डाल दिया गया। यह जानकारी केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में दी है।

राज्यसभा में लिखित उत्तर देते हुए अरुण जेटली ने कहा टैक्स बेनिफिट और कैपिटल ऑप्टिमाइजेशन के लिए ये लोन बट्टे खाते में डाले गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्ज के लेनदार रिपेमेंट के लिए जवाबदेह बने रहेंगे।

किस बैंक का बड़ा लोन गया बट्टे खाते में: वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान सरकारी बैंकों के बट्टे खाते में डाले गए 81,683 करोड़ के लोन में से अकेले एसबीआई का हिस्सा 20,339 करोड़ रुपए का है। आरबीआई के डेटा के मुताबिक यह जानकारी सामने आई है।

वित्त वर्ष 2017-18 के लिए (सितंबर 2017 तक) बट्टे खाते में डाली गई राष्ट्रीय बैंकों की लोन राशि 28,781 करोड़ रुपए की है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशानिर्देशों और बैंक बोर्ड्स की ओर से मंजूर पॉलिसी के अंतर्गत नॉन परफॉर्मिंग लोन्स को बट्टे खाते के माध्यम से बैंक की बैलेंसशीट से हटा दिया गया है।

जिसमें वे लोन भी शामिल हैं जिनकी 4 साल पूरा होने पर फुल प्रोविजनिंग कर दी गई है। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि बकाया वसूली के लिए कानूनी तौर तरीकों से काम लिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बट्टे खाते का बॉरोअर्स को फायदा नहीं मिलेगा।