धोखाधड़ी के बाद विदेशी बैंकों ने पीएनबी को सोना बेचने से किया इनकार

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मुंबई। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) में 12,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद बैंक का सोने के आयात का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

विदेशी बैंक पीएनबी को सोना बेचने को तैयार नहीं हैं। बैंक में गारंटी पत्र (एलओयू) के जरिये हुई धोखाधड़ी से कमजोर अनुपालन की बात उजागर हुई है और यही वजह है कि विदेशी बैंक कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं। पीएनबी सहित कई बैंक कीमती धातुओं के कारोबारियों और परिशोधकों की तरफ से आयात के लिए नामित एजेंसियां हैं।

हाल के महीनों में पीएनबी सोने का आयात करने वाले सबसे बड़े बैंकों की सूची में शामिल था जहां उसे 1 से 2 फीसदी मार्जिन मिलता था।  बैंक मर्केंडाइज एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) के तहत सोने के निर्यातकों द्वारा प्रोत्साहन के तौर पर जारी किए जाने वाले ड्यूटी क्रेडिट सर्टिफिकेट खरीदता था। इसे एक्जिम स्क्रिप्स भी कहा जाता है।

एमईआईएस योजना अप्रैल 2015 में घोषित की गई थी।  पीएनबी जैसे आयातक हस्तांतरणीय एक्जिम स्क्रिप्स खरीदते हैं और आयात शुल्क का भुगतान करने पर उन्हें क्रेडिट मिलता है। पीएनबी फिर कारोबारियों को सोना बेचता था और अपनी कमाई का कुछ हिस्सा उन्हें देते थे। विदेशी बैंकों के सूत्रों का कहना है कि वे एक्जिम स्क्रिप्स के फर्जी होने का जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं।

एमईआईएस के तहत जारी एक्जिम स्क्रिप्स के इस्तेमाल से सोने का आयात पिछले साल जुलाई में शुरू हुआ था। कुछ बिचौलियों को लगा कि इसमें कम जोखिम है। कच्चे सोने का आयात करने वाले परिशोधकों के अलावा पीएनबी सहित दो बैंक भी इस योजना के तहत सोने का आयात करने लगे।

थॉमसन रॉयटर्स जीएफएमएस के मुताबिक अक्टूबर 2017 में देश में सोने के कुल आयात में से 30 फीसदी आयात एमईआईएस के तहत किया गया जो दिसंबर में बढ़कर 55 फीसदी हो गया।

यह साफ नहीं है कि पीएनबी ने एक्जिम स्क्रिप्स के इस्तेमाल से कितने सोने का आयात किया लेकिन इसके जरिये पिछले 6 महीनों में करीब 70 टन सोने का आयात किया गया।

सूत्रों के मुताबिक पीएनबी सोने के बड़े आयातकों में शामिल था। इस बारे में पीएनबी को भेजी गई प्रश्नावली का कोई जवाब नहीं आया। धोखाधड़ी सामने आने के बाद पीएनबी का कारोबार के लिए वित्त मुहैया कराने का काम और सोने का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मूडीज उसकी रेटिंग पर नजर रख रहा है और इसे घटाए जाने की संभावना है।

मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस की उपाध्यक्ष (फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशन ग्रुप) अलका अंबारासू ने कहा कि पीएनबी के एकल क्रेडिट प्रोफाइल पर दबाव के मद्देनजर दूसरे बैंक उससे लेनदेन करने में सावधानी बरत सकते हैं। धोखाधड़ी से बैंक की कमाई पर दबाव रह सकता है।

मूडीज के मुताबिक एकमात्र सकारात्मक बात यह है कि सरकार बैंकों को सपोर्ट करती रही है, यह विदेशी बैंक और दूसरे बैंक के लिए राहत की बात होनी चाहिए।