हंगामे के चलते लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित

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नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का पहला दिन हंगामेदार रहा। सबसे पहले नरेंद्र मोदी के संसद पहुंचने पर बीजेपी सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। टीडीपी सांसदों ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिए जाने का विरोध किया। पीएनबी फ्रॉड को लेकर भी अपोजिशन ने नारेबाजी की। इसके चलते लोकसभा की कार्रवाई 12 बजे तक और फिर पूरे दिन स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित की गई। इसके बाद सदन शुरू होने पर हंगामा नहीं रुका तो कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र में विपक्ष ने पीएनबी घोटाला, नीरव मोदी, राफेल डील जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी की है। लोकसभा में 28 में से 21 बिल इस सत्र के लिए पेंडिंग हैं। बाकी 7 बिल स्थायी समितियों या संयुक्त समितियों के पास हैं। राज्यसभा में 39 बिल पेंडिंग हैं।

कार्ति का मुद्दा भी उठा सकती है कांग्रेस
– कांग्रेस पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति की आईएनएक्स मीडिया घोटाले में गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठा सकती है। कांग्रेस इसे बदले की भावना से उठाया गया कदम बता रही है।
– दरअसल, पंजाब नेशनल बैंक घोटाले को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
– कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह संसद में इस मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरेगी। पार्टी ने सरकार से बैंकों की स्थिति पर संसद में श्वेत-पत्र लाने की मांग की है। वह इस घोटाले के आरोपी नीरव मोदी तथा मेहुल चौकसी के विदेश फरार होने को भी बड़ा मुद्दा बना रही है।
– हालांकि नरेंद्र मोदी और अरुण जेटली ने बैंक घोटाले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
– मोदी ने भी कहा है कि किसी को बख्शा नहीं किया जाएगा। लेकिन कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार मामले की लीपा-पोती में लगी है और प्रधानमंत्री को संसद में इस पर बयान देना होगा।

संसद में 67 बिल
– दोनों सदनों के सामने सरकारी कामकाज निपटाने के लिए भारी भरकम एजेंडा मौजूद है।
– तीन तलाक का बिल राज्यसभा में आएगा तो विपक्ष बैकफुट पर होगा। लेकिन जब सरकार भगोड़े आर्थिक अपराधियों की भारत में संपत्ति कुर्क करने का विधेयक लाएगी तो नीरव मोदी पर विपक्ष सरकार को घेरेगा। एक नया बिल नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी कायम करने के लिए लाया जा रहा है।
– पुराने 67 बिल संसद में जमा हो चुके हैं। इनमें से 39 बिल राज्यसभा के पास हैं। इन 39 में से 12 बिल ऐसे हैं जो लोकसभा से पारित भी हो चुके हैं।
– लोकसभा के पास एक भी ऐसा बिल नहीं है जो राज्यसभा में पारित हो चुका हो और उसे निचले सदन की मंजूरी का इंतजार हो। लोकसभा में दस बिल स्थायी समितियों का रास्ता पार कर आए हैं जबकि राज्यसभा में ऐसे बिलों की संख्या 24 है।

ये बिल राज्यसभा से मुहर लगते ही बनेंगे कानून
– मुस्लिम महिला विवाह के मामले में अधिकारों के संरक्षण अधिकार का बिल
– इंडियन मेडिकल काउंसिल (संशोधन) बिल
– अचल संपत्ति अधिग्रहण (संशोधन)
– भूमि अधिग्रहण पुनर्वास मामलों में निष्पक्ष मुआवजा और पारदर्शिता (संशोधन)
– व्हिसिल ब्लोअर संरक्षण (संशोधन)
– मोटर वाहन (संशोधन) बिल
– भ्रष्टाचार निवारक (संशोधन) बिल 2013