PNB घोटाला: एक और चीफ मैनेजर गिरफ्तार, 13 अन्य से पूछताछ

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मुंबई। देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में सीबीआई ने एक और चीफ मैनेजर, आंतरिक मुख्य ऑडिटर (रिटायर्ड), विष्णुब्रत मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। 2011-15 के बीच पीएनबी ब्रैडी हाउस ब्रान्च के ऑडिटिंग की जिम्मेदारी थी।

ब्रान्च में लागू प्रक्रिया और गतिविधियों की ऑडिटिंग का काम वही देखते थे। सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा 13 अन्य लोगों से भी पूछताछ की है।

गौरतलब है कि मुंबई की ब्रैडी हाउस ब्रान्च से ही नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चौकसी ने कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर 12,700 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया।

सीबीआई ने इससे पहले पीएनबी के आंतरिक मुख्य ऑडिटर एमके शर्मा को गिरफ्तार किया था। वह मुख्य प्रबंधक स्तर के अधिकारी हैं। शर्मा, स्केल-चार स्तर के अधिकारी हैं, उनपर बैंक की ब्रैडी हाउस शाखा की प्रणालियों और कामकाज के तौर तरीकों की ऑडिट की जिम्मेदारी थी।

चौकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट की मांग
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को मुंबई में एक विशेष अदालत का रूख किया और 12,700 करोड़ रुपये के कथित पीएनबी घोटाले के एक प्रमुख आरोपी गीतांजलि जेम्स के प्रमोटर मेहुल चोकसी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) की मांग की।

ईडी ने एक अन्य अदालत का रुख करते हुए पीएनबी घोटाले में एक सह-आरोपी अरबपति हीरा व्यापारी नीरव मोदी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास की तलाशी की अनुमति मांगी।

एसबीआई ने नीरव की तीन कंपनियों के खातों पर रोक लगाई
भारतीय स्टेट बैंक ने नीरव मोदी समूह की तीन कंपनियों के खातों पर रोक लगा दी है। बैंक के अधिकारियों ने कहा कि इन खातों से संबंधित सूचना जांच एजेंसियों से साझा की गई है।

अधिकारियों ने कहा, ‘हम आंतरिक तौर पर जांच की। इसमें हमें नीरव मोदी समूह की तीन कंपनियों के हमारी विदेशी शाखाओं में खातों का पता चला।’ ये खाते एसबीआई की दुबई, बहरीन और एंटवर्प शाखाओं में हैं। बैंक को इन खातों का आंतरिक जांच के बाद पता चला है।

सीबीआई ने चाल से एलओयू से संबंधित दस्तावेज जब्त किए
सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में गुरुवार को भी छापेमारी का सिलसिला जारी रखा। जांच एजेंसी ने कहा है कि इन कार्रवाइयों में उसे लेटर ऑफ अंटरटेकिंग (एलओयू) से संबंधित कुछ दस्तावेज प्राप्त हुए हैं।

अधिकारियों ने कहा कि कुछ गिरफ्तार आरोपियों और अन्य लोगों से पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर यह छापेमारी की गई। मध्य मुंबई उपनगर के वडाला में एक चाल के छोटे कमरे में ये दस्तावेज छिपाकर रखे गए थे।