कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का 82 साल की उम्र में निधन

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चेन्नई। कांची कामकोटि मठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती का निधन हो गया। वे 82 साल के थे। वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें सांस लेने की तकलीफ के चलते बुधवार को कामाक्षी अम्मान मंदिर के नजदीक एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है। पीएम ने आचार्य के साथ दो तस्वीरें भी पोस्ट कीं।

पीएम मोदी ने शोक जताया
– मोदी ने ट्वीट कर कहा, ”श्री कांची मठ के आचार्य जयेंद्र सरस्वती शंकराचार्य के जाने से दुख हुआ। वह अपने लाखों भक्तों के दिलों में उच्च विचारों के जरिए हमेशा रहेंगे। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे।”
– दूसरे ट्वीट में लिखा, ”जगद्गुरु पूज्यश्री जयेंद्र सरस्वती समाजिक सशक्त बनाने के लिए सबसे आगे रहे। उन्होंने ऐसी संस्था को पालकर बड़ा किया, जिसने गरीबों और निचले तबके की जिंदगी बदलने का काम किया।”

1994 में बनाए गए थे शंकराचार्य
1994 में जयेंद्र कांची कामकोटि पीठम मठ के 69वें शंकराचार्य बनाए गए थे।
– इसी साल जनवरी में भी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था।

मंदिर के प्रबंधक की हत्या का लगा था आरोप
– 2004 में जयेंद्र सरस्वती पर वरदराज पेरूमल मंदिर के प्रबंधक शंकर रमण की हत्या का आरोप लगा था।
– 9 साल तक चले मामले के बाद कोर्ट ने 2013 में उन्हें बरी कर दिया था।
– आरोप था कि जयेंद्र के इशारे पर मंदिर परिसर में 3 सितंबर 2004 को उनकी हत्या कर दी गई।
– कोर्ट ने फैसले में कहा कि हत्या का मकसद साबित न हो पाने के कारण आरोपियों को दोषी नहीं माना जा सकता। सुनवाई के दौरान मामले के 189 में 80 गवाह अपने बयान से पलट गए थे।