कृषि मंडी व्यवसायी e-NAM के खिलाफ मंडियां बंद करेंगे, देखिए वीडियो

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कोटा। कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से शनिवार को प्रथम हाड़ौती संभाग कृषि मंडी व्यवसायी अधिवेशन एसोसिएशन भवन में हुआ। व्यापारियों ने e-NAM और जीएसटी के ई-वे बिल का विरोध किया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में सरकार ने मांगें नहीं मानी तो दो दिन के लिए राज्य की सभी मंडी बंद कर देंगे और उसके बाद नहीं सुनी तो वे अनिश्चितकालीन मंडियां बंद कर सकते हैं।

अधिवेशन में कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ तथा सवाईमाधोपुर की 40 मंडियों के व्यापारी तथा राजस्थान की सभी 247 मंडियों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।  अधिवेशन में एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश राठी ने केन्द्र सरकार की ई-नाम परियोजना (ई-ऑक्शन) लागू होने से किसानों पर आने वाले संकट के बारे में बताया।

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापर संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि e-NAM और ई-वे बिल में काफी दिक्कतें हैं। इसे सरकार को ठीक करना चाहिए। मुख्य अतिथि सांसद ओम बिरला ने कहा कि वे व्यापारियों की हर बात को लोकसभा तक पहुंचाएंगे। विधायक हीरालाल ने कहा कि e-NAM में किसानों को दिक्कत आने वाली है। वे इसके लिए सरकार से बात करेंगे। अंत में कार्यक्रम संयोजक महेश खंडेलवाल ने आभार जताया।

अधिवेशन से पहले राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ की कार्यकारिणी सभा हुई। इसमें व्यापारियों ने e-NAM, ई-वे बिल, मंडी के अलग-अलग टैक्स, यूडी टैक्स का विरोध किया गया। वहीं ई-वे बिल में आ रही दिक्कतों पर भी व्यापारी जमकर बरसे। यूडी टैक्स के लिए व्यापारियों ने कहा कि वे इसे क्यों देंगे। इसके दिए गए नोटिसों को वापस लिया जाए।

उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने कहा कि सभा में निर्णय लिया गया कि आज से 15 दिवस के अंदर यदि सरकार हमारी मांगों को नहीं मानती है तो राज्य की समस्त मंडियां सांकेतिक रूप से विरोध स्वरूप दो दिन बंद रखी जाएंगी, उसके बाद आम सभा करके आगामी रणनीति तय की जाएगी।

निर्णय किसानों के हित में नहीं
किसान नेता जगदीश शर्मा ने बताया कि व्यापारियों ने जो निर्णय किया है। वह किसानों के हित में नहीं है। e-NAM से किसानों को ही फायदा होना है। 

क्या है e-NAM देखिए वीडियो-