भारत-ईरान के बीच एग्रीकल्चर, फॉर्मा सेक्टर समेत 9 समझौते

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नई दिल्‍ली। तीन दिन के भारत दौरे पर आए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए।

चाबहार पोर्ट को प्रमुखता देते हुए दोनों देशों के बीच डबल टैक्सेशन से बचने, वीजा नियम आसान करने और प्रत्यर्पण संधि समेत 9 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। बातचीत के बाद संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा कि चाबहार पोर्ट पर ईरान के सहयोग का शुक्रिया अदा करता हूं। चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा।

भारत-ईरान के बीच ये 9 करार
1. डबल टैक्सेशन और टैक्स सेविंग के लिए पैसे बाहर भेजने की रोकथाम के लिए समझौता।
2. डिप्लोमैटिक पासपोर्टधारकों को वीजा में छूट के लिए एमओयू।
3. एक्स्ट्राडीशन ट्रीटी (प्रत्यर्पण संधि) का लागू करने के लिए समझौता।
4. चाबहार पोर्ट के पहले फेज के लिए समझौता।
5. ट्रेडिशनल सिस्टम और मेडिसिन में सहयोग के लिए समझौता।
6. आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए समझौता।
7. एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर में सहयोग के लिए समझौता।
8. स्वास्थ्य-दवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता।
9. पोस्टल सहयोग के लिए एमओयू।

‘चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा’
इस मौके पर पीएम मोदी ने ईरान का शुक्रिया अदा किया है। उन्‍होंने कहा कि चाबहार पोर्ट को डेवलप करने के लिए लीडरशिप देने पर मैं ईरान का शुक्रिया अदा करता हूं। चाबहार गेटवे के लिए भारत सहयोग करेगा।

पड़ोसियों को आतंक से मुक्त देखना चाहते हैं भारत-ईरान
-ज्वाइंट स्टेटमेंट में नरेंद्र मोदी ने कहा- “मैं 2016 में तेहरान गया था और अब जब आप (रुहानी) यहां आए हैं तो इससे हमारे रिश्ते गहरे और मजबूत हुए हैं।”
– “दोनों देश पड़ोसी अफगानिस्तान को सुरक्षित और समृद्ध देखना चाहते हैं। हम अपने पड़ोसियों को आतंक से आजाद देखना चाहते हैं।”

रुहानी ने कहा- भारत का शुक्रिया
– इसके बाद, रुहानी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, हमें भारत सरकार से काफी प्यार मिला और इसके लिए मैं यहां के लोगों और सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं। दोनों देशों के रिश्ते कारोबार और व्यापार से बहुत आगे हैं। ये इतिहास से जुड़ा है। परिवर्तन और अर्थव्यवस्था इन 2 महत्वपूर्ण मुद्दों पर हमारी राय एक है। हम दोनों देशों के बीच रेलवे संबंध भी शुरू करना चाहते हैं। दोनों देश चाबहार पोर्ट के विकास में भी शामिल हैं। बता दें कि रूहानी के तीन दिवसीय दौरे का शनिवार को आखिरी दिन रहा।

इससे पहले रुहानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मिले। राष्ट्रपति भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी।

चाबहार होगा ट्रांजिट रूट
– रुहानी शुक्रवार को हैदराबाद की मक्का मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने कहा था कि ईरान का चाबहार बंदरगाह भारत के लिए (पाकिस्तान से गुजरे बगैर) ईरान और अफगानिस्तान, मध्य एशियाई देशों के साथ यूरोप तक ट्रांजिट रूट खोलेगा।

ईरान भारत के साथ तेल साझा करने को तैयार
– उन्होंने यह भी कहा कि ईरान तेल और नेचुरल गैस रिसोर्स के मामले में अमीर है। इसलिए वह भारत की तरक्की के लिए अपने नेचुरल रिसोर्सेज साझा करने को तैयार है।
– इसके अलावा रुहानी ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए वीजा नियमों में ढील देने की भी मंशा जाहिर की।