आधार बिना भी मिलेंगी जरूरी सुविधाएं : UIDAI

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नई दिल्ली। आधार न होने पर अस्पताल के बाहर डिलिवरी जैसी खबरों के बाद आधार जारी करने वाले प्राधिकरण UIDAI ने एक बार फिर साफ किया है कि आधार न होने पर आवश्यक सुविधाएं देने से इनकार नहीं किया जा सकता। UIDAI ने कहा कि आधार ऐक्ट में साफ है कि आधार नंबर न होने और बूढ़े होने के कारण बायोमेट्रिक्स न मिलने पर भी सुविधाएं नहीं रोकी जा सकतीं।

एक बयान जारी करते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सरकारी विभागों, मंत्रालयों और राज्य सरकारों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई भी जरूरी सर्विस या फायदा किसी असल हकदार से आधार के कारण न रोका जाए।

आधार की अनिवार्यता ने हाल ही में तब तूल पकड़ा जब गुरुग्राम के एक सिविल अस्पताल में गर्भवती महिला को इमर्जेंसी वॉर्ड में नहीं ऐडमिट किया। कारण यह था कि महिला और उसके परिवारवाले आधार लाना भूल गए थे। महिला ने अस्पताल के बाहर ही बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल में भर्ती ने करने वाले डॉक्टर और नर्स को बाद में सस्पेंड कर दिया गया।

UIDAI ने कहा, ‘हमने मीडिया में हाल के दिनों में रिपोर्ट हुए मामलों जिनमें आधार न होने पर जरूरी सुविधाएं देने से इनकार किया गया, को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। लोअर स्टाफ द्वारा आधार न होने पर अस्पताल में भर्ती न करने जैसे मामलों से लोगों को काफी परेशानी हुई है। ऐसे मामलों के पीछे असल कारणों का हम पता लगा रहे हैं। जहां भी ऐसी घटनाएं हुई हैं वहां दोषियों पर सख्त ऐक्शन लिया जाएगा।’

UIDAI ने 24 अक्टूबर, 2017 को जारी सर्कुलर का हवाला देते हुए समझाया कि आधार न होने पर या आधार सत्यापन किसी कारण सफल न होने पर लाभार्थियों को सुविधाएं देने से जुड़ी गाइडलाइंस जारी हो चुकी हैं। प्राधिकरण ने कहा कि वह सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आधार ऐक्ट, 2016 के सेक्शन 7 को लागू करने के लिए पत्र भी भेज रहा है। सेक्शन 7 में प्रावधान है कि जरूरी सुविधाओं से इनकार नहीं किया जा सकता।