मोदी की बुक “एग्जाम वॉरियर्स” लॉन्च

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सुषमा ने जैसे ही कहा- बच्चों ‘चुनाव’ से डरो मत…सब ठहाके लगाने लगे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के लॉन्चिंग के दौरान सुषमा स्वराज ने बच्चों को एग्जाम में स्ट्रेस से बचने के लिए ‘चुनाव’ का उदाहरण दिया। किताब की टिप्स का जिक्र करते वक्त वे गलती से ‘एग्जाम से डरो नहीं’ कि जगह ‘चुनाव से डरो नहीं’ कह गईं।

इसके बाद प्रोग्राम में जमकर ठहाके लगे। बता दें कि प्रधानमंत्री ने इस किताब में बच्चों को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने और अच्छा परफॉर्म करने के टिप्स दिए हैं। देश में हर साल परीक्षाओं से तनाव में आए कई स्टूडेंट सुसाइड कर लेते हैं मोदी ‘मन की बात’ में भी इस पर चिंता जता चुके हैं।

सुषमा ने आखिर क्या कहा था?
इस प्रोग्राम में सुषमा स्वराज बच्चों को किताब की टिप्स पढ़कर सुना रही थीं। इस दौरान उन्होंने एक वाक्या भी सुनाया और बताया – “मैं ही कई बार बच्चों को कह देती थी कि एग्जाम से डरो नहीं। भगवान को प्रणाम करो और जाओ। मुझे जवाब मिलता था अगर भगवान को एग्जाम देना पड़े तो वो भी डरने लगें।

एग्जाम ऐसी चीज है। लेकिन आज यहां खड़ा होकर भगवान नहीं एक इंसान, वो भी साधारण नहीं इस देश का पीएम कह रहा है…चुनाव से ( गलती से एग्जाम की जगह चुनाव कह देती हैं) … तभी हॉल में ठहाके लगने लगते हैं।

फिर वे (सुषमा) समझाने लगती हैं कि हम खुद कहते हैं कि चुनाव से डरो मत। प्रधानमंत्री भी कहते हैं कि मैं चुनाव से नहीं डरता। वो यही कह रहे हैं कि मैं चुनाव से नहीं डरता। तुम परीक्षा से नहीं डरो। हमें ये परीक्षा हर पांच वर्ष बाद देनी पड़ती है। लोकसभा पहले भंग हो जाए तो और पहले परीक्षा देनी पड़ती है।

बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स को मिलेगी मदद
किताब में 10th और 12th के बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स की परेशानियों पर फोकस किया गया है। पीएम ने इसमें बताया है कि नॉलेज हमेशा एग्जाम मार्क्स से ज्यादा अहम होती है।

पीएम मोदी ने किताब को सीधे संवाद/बात करने के अंदाज में लिखा है। इसमें कई उदाहरण दिए गए हैं। साथ ही स्टूडेंट्स को योगा और फिजिकल एक्टिविटीज की जरूरत भी समझाई गई है।

पेंग्विन ने पब्लिश की है बुक
208 पेज वाली किताब को पेंग्विन पब्लिशिंग हाउस ने छापा है। इसकी कीमत 100 रुपए रखी गई है।

मन की बात में भी कर चुके हैं स्टूडेंट्स की बात
बता दें कि पीएम पहले भी मन की बात प्रोग्राम में बोर्ड एग्जाम की तैयारी करने वाले बच्चों को दबाव न लेने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा था कि बच्चे प्रेशर नहीं बल्कि प्लेजर से पढ़ें। उन्होंने सचिन तेंदुलकर और अब्दुल कलाम का उदाहरण देकर बच्चों को हमेशा डटे रहने की सलाह दी थी।

5 मार्च से 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम्स
– बोर्ड एग्जाम्स के लिए सीबीएसई पहले ही 5 मार्च का एलान कर चुका है। 7 साल के लंबे गैप के बाद बोर्ड ने एक बार फिर 10वीं के एग्जाम्स को कंपल्सरी कर दिया है।