सेंसेक्स 840 और निफ्टी 256 प्वाइंट गिरा, इन्वेस्टर्स के 4.5 लाख करोड़ डूबे

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नई दिल्ली। बजट में शेयर से कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स का प्रोविजन करने का असर लगातार दूसरे दिन शेयर बाजार पर दिखा। सेंसेक्स 840 अंक गिरकर 35,067 अंक पर और निफ्टी 256 अंक गिरकर 10,761 अंक पर बंद हुआ। अगस्त 2017 के बाद पहली बार मार्केट इतना नीचे गया है।

कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स 900 अंकों तक टूट गया, जबकि निफ्टी में 281 प्वाइंट्स की गिरावट दर्ज की गई। आईटी को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट रही। गिरावट के चलते इन्वेस्टर्स के 4.5 लाख करोड़ रुपए डूब गए।

BSE की कंपनियों का मार्केट कैप घटा
– गिरावट से एक दिन में इन्वेस्टर्स के 4,58,581.38 करोड़ रुपए डूब गए। 1 फरवरी 2018 को बीएसई पर लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 1,53,13,033.38 करोड़ रुपए था। जो बजट के बाद घटकर अब 1,48,54,452 करोड़ रुपए हो गया है।

सेंसेक्स में 7वीं सबसे बड़ी गिरावट
– पिछले 10 वर्षों में सेंसेक्स में यह 7वीं सबसे बड़ी गिरावट है। एक दिन में सेंसेक्स में सबसे बड़ी 24 अगस्त 2015 को हुई थी। इस दिन सेंसेक्स 1624.51 अंक टूटकर बंद हुआ था।
– वहीं 24 अक्टूबर 2018 सेंसेक्स में 1070.63, 17 मार्च 2008 को 951.03, 3 मार्च 2008 को 900.84, 6 जुलाई 2009 को 869.65, 6 फरवरी 2015 को 854.86, 02 जनवरी 2018 को 839.91 11 फरवरी 2008 को 833.98, 11 फरवरी 2016 को 807.07 और 10 अक्टूबर 2008 को 800.51 अंक टूटा था।

क्यों आई बाजार में गिरावट ?
– वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बजट 2018-19 में शेयर से होने वाली कमाई पर लॉन्ग्‍ा टर्म कैपिटल गेन टैक्स (LTCGT) लगाने का एलान किया है। इससे इन्वेस्टर्स का सेंटीमेंट बिगड़ा है। इसमें एक साल से ज्यादा रखे गए शेयरों पर अगर 1 लाख से ज्यादा इनकम होती है, तो निवेशकों को 10% टैक्स देना होगा।
– बजट में सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को हटाने का भी एलान नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि निवेशकों को दोनों तरह के टैक्स देने होंगे।

एशियाई बाजारों में कमजोरी
– शुक्रवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली।
– सिंगापुर का एसजीएक्स निफ्टी 1.11% टूटा। जापान का बाजार निक्केई 304 प्वाइंट गिर गया।

फिस्कल डेफिसिट
– सरकार ने FY 18 का फिस्कल डेफिसिट 3.5% रहने का टारगेट रखा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार ने फिस्कल डेफिसिट को 3.2% या नीचे रखा होता तो मार्केट के लिए यह पॉजिटिव हो सकता था, लेकिन 3.5% का टारगेट मार्केट को निराश करने वाला है।

फिच की टिप्पणी
– क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग ने कहा कि सरकार पर कर्ज के भारी दबाव के कारण भारत की रेटिंग में सुधार रुक गया है। फिच का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बजट में जेटली ने फिस्कल डेफिसिट का टारगेट जीडीपी के 3.2% से बढ़ाकर 3.5% किया है।

निफ्टी पर 45 स्टॉक्स में रही गिरावट
– बिकवाली के दबाव में निफ्टी 50 में शामिल 45 स्टॉक्स गिरकर बंद हुए, जबकि सिर्फ 5 स्टॉक्स में बढ़त दर्ज की गई। बढ़ने वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस, इंफोसिस और एचयूएल शामिल हैं।
– गिरनेवाले शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, बजाज ऑटो, गेल, इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस, एक्सिस बैंक, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मारुति और टाटा 5.77-4 फीसदी तक गिरकर बंद हुए।

मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली
– मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मुनाफावसूली देखने को मिली है। जिससे बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 4.03% टूट गया है। मिडकैप शेयरों में जीएमआर इंफ्रा, अडानी पावर, बायर क्रॉप, वक्रांगी, आरकॉम, कमिंस इंडिया, मुथुट फाइनेंस, रिलायंस इंफ्रा, आईडीबीआई, एलएंडटी फाइनेंस होल्डिंग में 15.38-7.77% की गिरावट रही।
– बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 4.65% की कमजोरी आई है।

आईटी को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स टूटे
– शुक्रवार के कारोबार में सेक्टरोल इंडेक्स में सिर्फ निफ्टी आईटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.15% की बढ़त रही।
– सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 6.17% की रही। बैंक निफ्टी में 2.83%, ऑटो में 3.35%, एफएमसीजी में 0.63%, निफ्टी मेटल में 3.02%, निफ्टी मीडिया में 3.53%, निफ्टी फार्मा में 1.27%, निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.09% और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.03% की गिरावट रही।

139 स्टॉक 52 हफ्ते के निचले स्तर पर
– चौतरफा बिकवाली के दबाव में बीएसई पर 139 से ज्यादा स्टॉक 52 हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए। इनमें भूषण स्टील, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, एनईसीसी लिमिटेड, मुक्ता एग्रीकल्चर, ओरिएंट बैंक शामिल हैं।