पद्मावत विवाद : करणी सेना का 25 जनवरी को भारत बंद का एलान

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तोड़फोड़ के डर से फिल्म नहीं दिखाएंगे गुजरात के थिएटर मालिक

जयपुर/अहमदाबाद। सुप्रीम कोर्ट और सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद भी फिल्म पद्मावत के विरोध में राजपूत करणी सेना के तेवर नरम नहीं हुए। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान करणी सेना प्रमुख लोकेंद्र सिंह कालवी ने  रिलीज के दिन 25 जनवरी को भारत बंद का एलान किया है। साथ ही मल्टीप्लेक्स और थिएटर मालिकों से फिल्म नहीं दिखाने की अपील की।

उधर, तोड़फोड़ के डर से गुजरात मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने भी पद्मावत को नहीं दिखाने का फैसला लिया है। करणी सेना ने सेंसर बोर्ड चीफ प्रसून जोशी के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होने का भी विरोध किया। इसबीच, डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने करणी सेना को फिल्म देखने का न्योता दिया है।

लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा, ”थिएटर और सिनेमाहाल के मालिक फिल्म को ना दिखाएं। वे खुद तय कर लें कि दिवाली मनाएंगे या लंका जलवाएंगे। रावण को मरवाएंगे या राम की जीत कराएंगे। पद्मावत की रिलीज के दिन 25 जनवरी को भारत बंद बुलाया गया है। इस दौरान जनता से अपील करेंगे कि वे फिल्म देखने नहीं जाएं।”

कालवी ने राजस्थान सरकार से अपील की है कि ध्यान रखें कि सेंसर बोर्ड चीफ प्रसून जोशी 25 तारीख को जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के इनॉगरेशन में ना आएं। करणी सेना प्रमुख ने बताया कि डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने अब हमें और राजपूत संगठनों को फिल्म देखने बुलाया है। यह उनका नया नाटक है।

गुजरात में मल्टीप्लेक्स मालिकों नहीं दिखाएंगे फिल्म
 उधर, गुजरात में भी पद्मावत के विरोध को देखते हुए मल्टीप्लेक्स मालिकों ने फिल्म नहीं दिखाने का फैसला लिया है। उन्हें यहां करणी सेना के द्वारा तोड़फोड़ का डर सता रहा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के बाद गुजरात पुलिस ने मल्टीप्लेक्स और थिएटर मालिकों से उनकी सिक्युरिटी की जरूरतों को लेकर जानकारी मांगी थी।

एसोसिएशन के डायरेक्टर राकेश पटेल ने कहा कि हमने पूरे गुजरात में पद्मावत नहीं दिखाने का फैसला लिया है। यहां हर कोई डरा हुआ है। कोई मालिक नहीं चाहता कि फिल्म दिखाने से उन्हें नुकसान झेलना पड़े।

किन राज्यों में था बैन, SC ने क्या कहा?
राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और मध्यप्रदेश में पद्मावत की रिलीज पर बैन लगा दिया था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिफिकेशन पर स्टे लगा दिया। SC ने फिल्म का सर्टिफिकेट कैंसल करने के मांग करने वाली पिटीशन भी खारिज कर दी।  बेंच ने कहा, “हमने फिल्म को रिलीज करने का ऑर्डर पास किया था। जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट जारी कर दिया है तो उस स्थिति में किसी कोे भी दखलअंदाजी का हक नहीं है।”