4 कंपनियों में बांटी जाएगी एअर इंडिया, बिक्री का प्लान तैयार

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नई दिल्ली।  सरकार ने अपने स्वामित्व वाली एयरलाइन एअर इंडिया को बेचने का प्लान काफी हद तक तैयार कर लिया है। प्रस्तावित डिसइन्वेस्टमेंट प्लान के तहत एअर इंडिया को 4 अलग-अलग कंपनियों में बांटा जाएगा और हर कंपनी की कम से कम 51 फीसदी हिस्सेदारी की पेशकश की जाएगी।

इस तरह बंटेगी एअर इंडिया
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक एयरलाइन को कोर एअरलाइन बिजनेस, रीजनल आर्म, ग्राउंड हैंडलिंग और इंजीनियरिंग ऑपरेशंस में बांटा जाएगा।

रिपोर्ट में स्टेट एविएशन मिनिस्टर जयंत सिन्हा का उल्लेख करते बताया गया कि एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस, लो कॉस्ट ओवरसीज आर्म को मिलाकर बनी कोर एअरलाइन बिजनेस को एक कंपनी के तौर पर ऑफर किया जाएगा। साथ ही इस पूरे प्रोसेस को 2018 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

एविएशन सेक्टर में 49% एफडीआई को मंजूरी
पिछले हफ्ते ही सरकार ने एविएशन सेक्टर में 49 फीसदी एफडीआई के प्रपोजल को मंजूरी दी थी। हालांकि इस रिपोर्ट के संबंध में एयर इंडिया से संपर्क नहीं हो सका। इससे पहले सिन्हा ने कहा था कि सरकारी एयरलाइन के डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को एक साथ बेचा जाएगा। 

सिन्हा ने कहा था, ‘बिडिंग प्रोसेस के माध्यम से एक इंटिग्रेटेड एयरलाइन (एअर इंडिया) की पेशकश की जा रही है, जिसका मतलब डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को मिलाना है।’जिसका मतलब डॉमेस्टिक और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को मिलाना है।’

 नवंबर में एअर इंडिया को मिले नए सीएमडी
सीनियर आईएएस अधिकारी प्रदीप सिंह खरोला को नवंबर, 2017 में एअर इंडिया का नया चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर (सीएमडी) नियुक्त किया गया था। खैरोला ने राजीव बंसल की जगह ली, जो तीन महीने से कुछ ज्यादा वक्त से एंटरिम सीएमडी की भूमिका में थे।

मिला था 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज
1930 में शुरू की गई एअर इंडिया की फाइनेंशियल कंडीशन 2007 से ही खराब है और उसका घाटा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, 2012 में उस वक्त की यूपीए सरकार ने एअर इंडिया को 30 हजार करोड़ का बेलआउट पैकेज भी दिया। इसके बावजूद कंपनी की खराब फाइनेंशियल कंडीशन पर काबू नहीं पाया जा सका।

मर्जर भी काम नहीं आया
2007 में एअर इंडिया और घरेलू एयरलाइन कंपनी इंडियन एयरलाइंस का नेशनल एविएशन कंपनी लिमिटेड (एनएसीआईएल) में मर्जर किया गया। इसके बाद दोनों कंपनियों की देनदारी एनएसीआईएल पर आ गई। 2010 में एनएसीआईएल का नाम बदलकर एअर इंडिया लिमिटेड कर दिया गया।