नहीं देना होगा 1 जून से आधार नंबर, वर्चुअल आईडी करेगी काम

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दिनेश माहेश्वरी
कोटा। आधार से डेटा लीक होने की तमाम आशंकाओं के बीच यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने वेरिफिकेशन के लिए वर्चुअल आईडी जारी करने का फैसला किया है। कोई भी आधार कार्ड धारक प्राधिकरण की वेबसाइट uidai.gov.in पर जाकर अपना वर्चुअल आईडी निकाल सकता है।

वर्चुअल आईडी कंप्यूटर से बना 16 डिजिट का नंबर होगा जो जरूरत पड़ने पर तत्काल जारी किया जाएगा। इसे एक मार्च 2018 से जेनरेट किया जाने लगेगा। इस आईडी के जरिए बिना आधार नंबर शेयर किए सिम के सत्यापन समेत कई अन्य काम किए जा सकेंगे।

वर्चुअल आईडी आधार से मैप होगी। आधार होल्डर कई बार आईडी जनरेट कर सकेंगे। नई आईडी जनरेट होते ही पुरानी रद्द हो जाएगी। वर्चुअल आईडी से मोबाइल कंपनी या किसी अन्य ऑथराइज्ड एजेंसी को कस्टमर का नाम, पता एवं फोटो मिल जाएगा जो कि सत्यापन के लिए पर्याप्त है।

सत्यापन के लिए आधार का इस्तेमाल करनेवाली सभी एजेंसियों के लिए वर्चुअल आईडी स्वीकृत करना 1 जून, 2018 से अनिवार्य हो जाएगा। इसका पालन नहीं करनेवाली एजेंसियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। UIDAI के अनुसार, सत्यापन करनेवाली एजेंसियां कार्डधारक के बदले वर्चुअल आईडी नहीं बना सकतीं।

सरकार केवाईसी के लिए आधार के इस्तेमाल को भी सीमित करेगी। अभी कई एजेंसियों के पास आपका डीटेल पहुंच जाता है और वे उसे अपने पास रखते हैं। जब केवाईसी के लिए आधार की जरूरत ही कम हो जाएगी तो ऐसी एजेंसियों की संख्या भी घट जाएगी जिनके पास आपके डीटेल होंगे।