वॉट्सऐप ग्रुप चैट में ताकाझांकी, प्राइवेट ग्रुप में सेंधमारी

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फेसबुक के स्वामित्व वाले पॉप्युलर मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को लेकर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। जर्मन क्रिप्टोग्राफर की एक टीम ने इसकी कई खामियों को उजागर किया है। इस टीम के मुताबिक वॉट्सऐप के प्राइवेट ग्रुप चैट में सेंधमारी करना आसान है, वह भी बिना ऐडिमन की इजाजत लिए।

रिपोर्ट्स की मानें तो वॉट्सऐप ग्रुप चैट में एक बड़ा सिक्यॉरिटी फ्लॉ है, वॉट्सऐप ग्रुप में ऐडमिन की इजाजत के बिना नए मेंबर को जोड़ा जा सकता है। वायर्ड डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी के रूहर यूनिवर्सिटी बोचूम के क्रिप्टोग्राफर ने ‘रियल वर्ल्ड क्रिप्टो सिक्यॉरिटी कॉन्फ्रेंस’ में लोगों को बताया कि ऐप्स के सर्वर का कंट्रोल जिस व्यक्ति के पास है वह नए लोगों को प्राइवेट ग्रुप चैट के बीच में ला सकता है और इसके लिए ऐडमिन की इजाजत की जरूरत नहीं है।

रिसर्चर पॉल रोस्लर ने कहा, ‘चूंकि नए जोड़े गए मेंबर्स सारे नए मेसेज पढ़ सकते हैं, इससे ग्रुप की प्रिवेसी खत्म हो जाती है। इस तरह सर्वर कंट्रोल करके कोई अपराधी या खुद वॉट्सऐप आपके ग्रुप चैट पर नजर रख सकता है।’इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने कहा, ‘हमने इस मसले पर सावधानीपूर्वक गौर किया है।

वॉट्सऐप ग्रुप में नए लोगों के शामिल किए जाने पर मौजूदा सदस्यों को सूचित किया जाता है। हमने वॉट्सऐप ग्रुप मेसेज को ऐसा बनाया है कि सीक्रेट यूजर के पास इसके मेसेज नहीं पहुंच सकते हैं। यूजर्स की निजता व सुरक्षा वॉट्सऐप के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

यही कारण है कि हम बहुत कम जानकारी कलेक्ट करते हैं और सारे मेसेज वॉट्सऐप पर एनक्रिप्टेड कोड में लिखे होते हैं। वॉट्सऐप का कहना है कि एंड-टु-एंड एनक्रिप्शन सेफ है।’ बता दें कि 50 अलग-अलग भाषाओं में वॉट्सऐप के फिलहाल सवा अरब यूजर हैं। इसमें 10 भारतीय भाषाएं भी शामिल हैं।

फेसबुक के स्वामित्व वाले चैटिंग ऐप वॉट्सऐप ने दो साल पहले एंड-टु-एंड एनक्रिप्शन शुरू किया था। वैसे रूहर यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने यह भी दावा किया कि सर्वर पर कंट्रोल होने के बाद किसी के मेसेज को ब्लॉक करना भी काफी आसान है। ग्रुप मेसेज को अपने कब्जे में लेकर यह तय करना आसान है कि किसी को क्या भेजना है।