गांव के सरकारी स्कूल में सीसीटीवी कैमरों से क्लासरूम की मॉनिटरिंग

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कोटा। क्लास रूम में बच्चे क्या कर रहे हैं आैर शिक्षक पढ़ा रहे हैं या नहीं। इसकी मॉनिटरिंग के लिए पहली बार जिले में बोरदा सेकंडरी स्कूल में 7 सीसीटीवी लगाए गए हैं। ये कैमरे भामाशाहों के सहयोग से क्लासरूम की निगरानी के लिए लगाए गए हैं। यह जिले का एकमात्र एेसा सरकारी स्कूल है जहां मॉनिटरिंग के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है।

वर्ष 2015 में यहां संस्था प्रधान बाल मुकुंद नागर ने ज्वॉइन किया। उन्होंने स्कूल का हुलिया ही बदल दिया। इसका नतीजा यह रहा है कि यहां दो साल में ही बच्चों के नामांकन की संख्या 70 से 233 पहुंच गई है।

इसके अलावा 120 स्टूल-टेबल की व्यवस्था हो चुकी है। कक्षा 6 से 10वीं तक के बच्चों के लिए फर्नीचर हैं। डीईओ माध्यमिक एंजिलिका पलात ने बताया कि यह पहला स्कूल हैं, जिसमें सीसीटीवी की व्यवस्था है। यह सराहनीय प्रयास है। 

10वीं का रिजल्ट 100 प्रतिशत :संस्था प्रधानने बताया कि दो साल पहले यहां कक्षा 10वीं का रिजल्ट 33 प्रतिशत था। बच्चों के लिए पढ़ाई की बेहतर व्यवस्था समय-समय पर ध्यान देने से पिछले साल 100 प्रतिशत रिजल्ट रहा है।

संस्था प्रधान नागर ने बताया कि उन्होंने स्कूल विकास के लिए कुल 62 भामाशाहों से सहयोग लिया। इनमें 46 हजार 400 रुपए एकत्रित हुए। इसके बाद जनसहभागिता योजना से 69 हजार रुपए यानी कुल एक लाख 16 हजार रुपए कुल राशि एकत्रित हुई।

इसके बाद स्कूल के लिए सात सीसीटीवी के अलावा रिनोवेशन कार्य सहित अन्य सुविधाएं करवाई हैं। उन्होंने बताया कि एक भामाशाह के 11 हजार रुपए सीसीटीवी के लिए दिए, जिससे यह पूरी प्रक्रिया हुई है।

अब स्मार्ट क्लास बनवाने की प्रक्रिया
पहले स्कूल की स्थिति जीर्ण-शीर्ण बनी हुई थी। यहां 70 बच्चों का नामांकन था। उस समय 12 स्टूल-टेबल 10वीं के बच्चों के लिए थे, लेकिन भामाशाहों ने स्कूल के लिए सहयोग किया और अब स्कूल का हुलिया ही बदल गया। अब स्मार्ट क्लास बनवाने की प्रक्रिया है।
-बालमुकंद नागर, संस्था प्रधान, गवर्नमेंट बोरदा सेकंडरी स्कूल