चारा घोटाला: सजा का ऐलान कल, लालू ने लगाई रहम की गुहार

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रांची। चारा घोटाले से जुड़े एवं देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मुकदमे में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा व तीन पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 दोषियों की सजा पर फैसला शुक्रवार को फिर टल गया।

अब जज शनिवार को दोपहर 2 बजे फैसला सुनाएंगे। इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में सजा पर बहस पूरी हो गई। लालू के वकील कोर्ट रूम में मौजूद थे। जज लालू प्रसाद यादव समेत सभी दोषियों को विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनाएंगे।

इससे पहले लालू प्रसाद यादव ने जज से खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर कम सजा देने की गुहार लगाई। लालू के वकील की ओर से कहा गया है कि लालू प्रसाद यादव को डायबिटीज और सांस संबंधी परेशानी है। ऐसे में उन्हें इस हालत में जेल में रखना ठीक नहीं है।

लालू के वकील ने कहा कि उन्हें इस मामले में सजा दी गई है, जबकि जगन्नाथ मिश्र जैसे लोगों को रिहा कर दिया गया है। वह इस मामले में एक साल की सजा भी काट चुके हैं। बता दें कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इस फैसले को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया था।

इसके चलते सुरक्षा कारणों के मद्देनजर आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव को होतवार स्थित बिरसा मुंडा जेल से दोपहर पौने दो बजे सीबीआई अदालत में पेश किया गया। लालू के साथ इस मामले के सभी 16 अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहां सभी की सजा की अवधि पर उनके वकीलों ने बहस की।

हालांकि, लालू की सजा की अवधि पर बहस शुरू नहीं हो सकी। उन्हें अदालत ने पौने तीन बजे के लगभग वापस न्यायिक हिरासत मे जेल भेजने के निर्देश दे दिए। इस मामले में सजा की अवधि पर अदालत ने फैसला शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया।

लालू की अदालत में पेशी को लेकर बिरसा मुंडा जेल से विशेष अदालत तक सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए थे। बाद में लालू विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत से निकल कर चारा घोटाले के दो अन्य मामलों में पेशी के लिए गए और फिर वापस बिरसा मुंडा जेल चले गए। अदालत ने इस मामले में 22 आरोपियों में से 16 को दोषी करार देने के बाद उन्हें हिरासत में लेकर बिरसामुंडा जेल भेजने के निर्देश दिए थे।

कोर्ट ने जिन आरोपियों को चारा घोटाले के इस मामले में दोषी करार दिया है, उनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा, तीन आईएएस अधिकारी तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह, पशुपालन विभाग के तत्कालीन सचिव बेक जूलियस एवं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी महेश प्रसाद भी शामिल हैं। लालू प्रसाद यादव ने जेल जाने से पूर्व कहा था कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है और इस फैसले के खिलाफ वह हाई कोर्ट जाएंगे।