पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप घोटाले में 15 करोड़ की ठगी, 150 शिकायतों में हुआ खुलासा

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कोटा। पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप घोटाले में कोटा के पीड़ितों का नाम सामने आने के बाद उनके बयान लेने पहली बार बुधवार को एसअोजी अधिकारियों की स्पेशल टीम जयपुर से कोटा आई। जैसे ही इसकी जानकारी पीड़ितों को लगी तो एसओजी ऑफिस में पीड़ितों की भीड़ लग गई। अधिकारियों ने भी नहीं सोचा था कि इतने फरियादी एक साथ पहुंचेंगे।

देखते ही देखते 150 से ज्यादा फरियादी एसओजी ऑफिस पहुंचे और अपनी लिखित शिकायतें दी। एसओजी ने मुकदमे की जांच पत्रावली में शामिल करने के लिए बुधवार को इनमें से करीब 60 लोगों के बयान दर्ज किए। हाड़ौती में करीब चार हजार और कोटा में 1500 लोगों से ठगी होने का अनुमान है।

गौरतलब है कि एसओजी ने नवंबर 2017 में घोटाले का खुलासा करके पिनकॉन कंपनी के चेयरमैन मनोरंजन रॉय, उनके साथी विनय सिंह और कंपनी के रघु शेट्टी और हरि सिंह चार लोगों को गिरफ्तार किया था। लोगों को मोटे मुनाफे का लालच देकर देशभर में 3 लाख लोगों से ठगी करने का खुलासा हुआ था।

आरोपियों ने कोटा, अजमेर, जयपुर, चौमू, निवाई समेत राजस्थान में 11 ब्रांच खोलकर 25 हजार लोगों से 56 कराेड़ रुपए की ठगी की थी। यह राशि नवंबर और दिसंबर दो माह में बढ़कर करीब 75 करोड़ के आसपास पहुंच गई है।

इस ग्रुप की कंपनियों की देशभर के लगभग 120 से अधिक शहरों में शाखाएं हैं। एसओजी की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्रुप की कंपनी पश्चिम बंगाल में मदिरा सप्लाई का काम भी करती है।

रुपए दुगुने करने का लालच देते थे
कोटा में सामने आए पीड़ितों ने बताया कि उन्हें 4 साल में रुपए दोगुने करने तथा 14% तक ब्याज देने का लालच दिया गया था। आरोपियों ने इस खाते को वर्ष 2014 में बंद करा दिया था।

एसओजी अधिकारियों की माने जो ठगी के लिए पिनकॉन स्प्रिट ग्रुप ने एनआरएन फाइनेंस लि., एएसके फाइनेंशियल सर्विसेज, ग्रेनेड फुट प्रोडक्ट लि., बंगाल पिनकॉन हाउसिंग इंफ्रा लिमिटेड, एनआरएन यूनिवर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड यूनिवर्सल मल्टीस्टेट क्रेडिट कॉपरेटिव सोसायटी आदि कंपनियां बना रखी हैं।

इधर, एसओजी एएसपी सतपाल मिड्‌डा का कहना है कि उत्तर भारत से कुल 800 करोड़ की ठगी सामने आई है। हाड़ौती से 4 हजार लोगों से ठगी की जानकारी सामने आई है, लेकिन फिलहाल 1500 लोगों की पुष्टि हुई है।

पीड़ितों ने एसओजी को सौंपे कई सबूत
एसओजी ग्राउंड पर इसलिए जांच करने आई ताकि इसकी पुष्टि हो सके कि वास्तव में कितने की ठगी हुई है। एसओजी को बुधवार को कोटा में पीड़ितों ने सबूत के तौर पर कई चेक, रसीदें और पैसा जमा करने की सूचियां सौंपी हैं।

एसओजी अधिकारियों की टीम अब तमाम सबूतों और शिकायतों को ड्राफ्ट करने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक कोटा में 80 से 90 प्रतिशत पैसा चेक के माध्यम से ही जमा करवाया गया था। अधिकारियों की टीम गुरुवार को भी कोटा में पीड़ितों की फरियाद सुनेगी