चारा घोटाले से जुड़े दूसरे मामले में भी लालू दोषी: 3 को होगा सजा का एलान

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पटना/रांची। बिहार के चारा घोटाला से जुड़े एक और मामले में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसमें लालू प्रसाद यादव समेत 15 आरोपियों को दोषी करार दिया। वहीं, 7 को बरी कर दिया। ये सभी 22 आरोपी कोर्ट में मौजूद थे। कोर्ट 3 जनवरी को सजा सुनाएगी। लालू को यहांं से होटवार स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल ले जाया गया।

बता दें कि इस फैसले के पहले ही रांची पुलिस ने सेंट्रल जेल के आसपास सिक्युरिटी सख्त कर दी थी। फैसले के कुछ मिनट बाद ही लालू के ट्विटर से बीजेपी पर हमला बोला गया। इसमें लिखा- “बीजेपी विपक्ष का पब्लिक पर्सेप्शन बिगाड़ने के लिए गंदी राजनीति कर रही है।”

पूरा मामला 9 प्वॉइंट में समझें
लालू प्रसाद यादव किस केस में दोषी करार?
-चारा घोटाले में 900 करोड़ रुपए के हेरफेर का आरोप है। इस दौरान देवघर ट्रैजरी (कोषागार) से अवैध तरीके से 1991 से 1994 के बीच 6 फर्जी अलॉटमेंट लेटर से 89 लाख 4 हजार 413 रुपए निकाले गए। जबकि बिहार सरकार की ओर से दवा और चारा की खरीदारी के लिए सिर्फ 4 लाख 7 हजार रुपए ही पास किए गए थे।

– चाईबासा ट्रैजरी से गलत तरीके से पैसा निकालने के मामले में लालू यादव को सजा सुनाई जा चुकी है। 1997 में वह पहली बार जेल गए थे। उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी। फिलहाल वो जमानत पर हैं
– केस की सुनवाई सीबीआई कोर्ट में 1996 से चल रही है। सीबीआई ने 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए हैं। आरोपियों की ओर से भी बचाव में गवाह पेश किए गए।

कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
-लालू प्रसाद यादव समेत 15 आरोपियों को दोषी करार दिया।
– 7 आरोपियों को बरी कर दिया है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, ध्रुव भगत, विद्या सागर आदि शामिल हैं।

दोषियों को सजा कब सुनाई जाएगी?
– सभी दोषियों को 3 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।
लालू आगे क्या कर सकते हैं?
– बिहार के एडवोकेट राजेश कुमार के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव को तीन साल से कम या तीन साल की सजा हुई, तो उन्हें रांची की सीबीआई कोर्ट जमानत दे सकती है। अगर सजा तीन साल से ज्यादा होती है, तो उन्हें हाईकोर्ट जाना पड़ सकता है। बता दें कि कोर्ट की शनिवार से छुट्टी शुरू हो रही हैं। अब 3 जनवरी को कोर्ट खुलेगा।

फैसला आने के बाद क्या था कोर्ट का माहौल?
– कोर्ट का फैसला आते ही आरजेडी वर्कर्स निराश हो गए। एक शख्स रोने लगा। कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पार्टी के सीनियर नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि एक ही मामले में लालू को जेल और जगन्नाथ मिश्रा को बेल मिला है। ये कैसा इंसाफ है। ये कैसा फैसला है। ये बीजेपी की साजिश है। हम इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।

लालू का कितने केस में नाम है?
– 900 करोड़ के चारा घोटाले में यह 33वां और लालू से जुड़ा दूसरा फैसला है। लालू पर चारा घोटाले के 7 केस दर्ज हैं। एक केस में उन्हें 6 साल की सजा हो चुकी है। लालू के खिलाफ 5 अन्य केस में सुनवाई जारी है।

आरजेडी सुप्रीमो पर क्या आरोप था?
– बिहार के सीएम और वित्त मंत्री लालू प्रसाद पर आरोप था कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले की इंक्वायरी के लिए आई फाइल को 5 जुलाई 1994 से 1 फरवरी 96 तक अटकाए रखा। फिर 2 फरवरी 1996 को जांच का आदेश दिया, तब तक चारा घोटाले का मामला सामने आ चुका था।

कुल कितने आरोपी थे?
– चारा घोटाले में कुल 34 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें 11 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, एक आरोपी ने गुनाह कबूल कर खुद सरकारी गवाह बन गया।

ये आरोपी थे: लालू प्रसाद और डॉ. जगन्नाथ मिश्र के अलावा अन्य आरोपियों में बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, जगदीश शर्मा, आरके राणा, ध्रुव भगत, फूलचंद सिंह, महेश प्रसाद, बेक जूलियस, एसी चौधरी, डॉ. कृष्ण कुमार प्रसाद, सुधीर भट्टाचार्य, त्रिपुरारी मोहन प्रसाद, संजय अग्रवाल, ज्योति झा, गोपीनाथ दास, सुनील गांधी, सरस्वती चंद्र, साधना सिंह, राजाराम जोशी और सुशील कुमार शामिल हैं।