जीएसटी: कंपनियां मार्च तक अपने प्रॉडक्ट पर लगा सकेंगी MRP स्टिकर

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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने कंपनियों को अनुमति दी है कि वो अपने बिना बिके हुए प्रॉडक्ट पर मार्च 2018 तक एमआरपी का स्टिकर चिपका सकेंगे। इस एमआरपी स्टिकर पर जीएसटी के बाद कीमतों में आए बदलाव की कीमत छपी हुई होगी। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने यह जानकारी दी है।

1 जुलाई 2017 से जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के देशभर में लागू किए जाने के बाद कंपनियों से कहा गया था कि वो अपने बिना बिके हुए उत्पादों पर एक अलग से स्टिकर चिपकाएं जिसमें जीएसटी के बाद बदली हुई कीमत अंकित हो, ऐसा उन्हें सितंबर तक करने के लिए कहा गया था, लेकिन बाद में इसमें इजाफा कर इसे दिंसबर 2017 तक के लिए बढ़ाया गया था।

नवंबर के मध्य में जब लगभग 200 वस्तुओं की कीमतों में कटौती की गईं थी, तो मंत्रालय ने लीगल मैट्रोलॉजी (पैकेजयुक्त कमोडिटीज) नियम, 2011 के तहत बिना बिके हुए उत्पादों पर अतिरिक्त स्टिकर पेस्ट करने की अनुमति दी गई थी।

पासवान ने बताया, “जीएसटी के संदर्भ में, हमने कंपनियों को अनुमति दी थी कि वो अपने बिना बिके हुए उत्पादों पर दिंसबर तक अतिरिक्त एमआरपी स्टिकर चिपकाएं। आखिरी जीएसटी काउंसिल बैठक में करीब 200 से अधिक वस्तुओं की कर दरों में बदलाव किया गया था। इसलिए अब हमने फैसला किया है कि इस डेडलाइन को बढ़ाकर मार्च 2018 कर दिया जाए।”

गौरतलब है कि पिछले महीने मंत्रालय ने कंपनियों को अनुमति दी थी कि वो अपने बिना बिके हुए उत्पादों पर एक अतिरिक्त स्टीकर चिपकाएं जिसमें बदले हुए दाम लिखे हुए होंगे।