धोखाधड़ी के चलते बैंकों को 17 हजार करोड़ का नुकसान

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नई दिल्ली। बीते फाइनैंशल इयर में बैंकों को धोखाधड़ी के चलते 16,789 करोड़ रुपये की चपत लगी है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने सदन में दिए लिखित जवाब में बताया, ‘फाइनैंशल इयर 2016-17 में बैंकों को 16,789 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।’

उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में साइबर सिक्योरिटी को लेकर समिति का गठन किया गया है। इसमें आरबीआई के अधिकारी, अकादमिक जगत, फॉरंसिक, साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स और सूचना तकनीक से जुड़े लोगों को शामिल किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह समिति बैंकिंग सेक्टर के समक्ष उपजी तकनीकी समस्याओं और उससे जुड़े खतरों से निपटने के लिए नीति-निर्धारण के काम में जुटा है। एक अन्य जवाब में शुक्ला ने कहा, ‘बैंक लूट, चोरी, डकैती और ठगी की घटनाएं 2016-17 में देश के कई भागों में घटित हुई हैं। ऐसी घटनाओं में बैंकों को 65.3 करोड़ रुपये की चपत लगी है।’

मौजूदा फाइनैंशल इयर में बैंकों में 393 घटनाएं हुई हैं, जिनमें 14.48 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शुक्ला ने कहा कि आरबीआई की ओर से बैंकों को लगातार यह सलाह दी जाती रही है कि वे अपनी शाखाओं और एटीएम बूथों की सुरक्षा को पुख्ता करें।

दूसरे वित्त राज्य मंत्री पी. राधाकृष्णन ने कहा कि बड़े पैमाने पर पिछले दिनों 500 और 2000 रुपये के नकली नोट पकड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर नोट स्कैन किए हुए थे या फिर फोटोकॉपी की गई थी। इनमें से ज्यादातर नकली नोटों के सीरियल नंबर प्रचलित नोटों के नंबर जैसी ही पाए गए।