8000 से ज्यादा लोगों को आईटी भेजेगा मुकदमों के नोटिस

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मुंबई। टैक्स अधिकारियों के ऊंचे रेवेन्यू टारगेट हासिल करने में जुटे होने के बीच इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से भेजे जाने वाले मुकदमों के नोटिसों की संख्या में अचानक उछाल आया है। अब तक मुकदमों वाले नोटिस प्राय: ऐसे मामलों में भेजे जाते थे जिनमें कोई जानबूझकर टैक्स देने से बचने की कोशिश करता पाया जाता था।

अब टैक्स रिटर्न फाइल न करने या कारोबारी इकाइयों की ओर से टैक्स डिडक्टेड ऐट सोर्स यानी टीडीएस कम या देरी से जमा करने पर भी मुकदमे की कार्यवाही शुरू कर दी जा रही है।

मुंबई में एक सीनियर टैक्स अधिकारी ने बताया, ‘अर्निंग्स के पिछले रिकॉर्ड के साथ करीब 8000 ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की गई है, जिन्होंने टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है।

इस लिस्ट में शामिल कई लोगों को मुकदमों के नोटिस भेजे गए हैं। यह कदम कुछ कड़ा तो लग सकता है, लेकिन नोटिस उन कंपनियों को भी भेजे गए हैं, जिन्होंने सैलरी, रेंट या अन्य मदों से टीडीएस काटने के बावजूद उसे सरकार के पास जमा नहीं कराया।’

हालांकि टैक्स प्रैक्टिशनर्स के अनुसार, कुछ ऐसी छोटे और मझोले आकार की कंपनियों को भी मुकदमों के नोटिस मिले हैं, जिन्होंने पहले समय पर टीडीएस चुका पाने में अपनी असमर्थता स्वीकार की थी और बाद में ब्याज के साथ किस्तों में टैक्स चुका दिया था।

अधिकतर टैक्सपेयर्स के लिए मुकदमों का नोटिस घबराहट पैदा कर सकता है, खासतौर से ऐसे लोगों को जिनके पास सीमित संसाधन हैं और जो आसानी से कानूनी सहायता हासिल नहीं कर सकते। असेसी को या तो नोटिस रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट जाना होगा या कंपाउंडिंग प्रोसेस को स्वीकार करना होगा।