जीएसटीआर-6 जीएसटी पोर्टल पर 31 तक भर सकेंगे

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नई दिल्ली । जीएसटी नेटवर्क यानी जीएसटीएन पोर्टल पर अब इनपुट सर्विस डिस्ट्रीब्यूटर जुलाई का जीएसटीआर-6 फॉर्म भर सकेंगे। इससे वे पोर्टल पर रजिस्टर्ड अपनी इकाइयों को इनपुट क्रेडिट का लाभ वितरित कर पाएंगे। रिटर्न की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी जीएसटीएन ने यह जानकारी दी है।

जुलाई के लिए जीएसटीआर-6 भरने के लिए 31 दिसंबर अंतिम तारीख तय की गई है। जीएसटीएन ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के टैक्स अधिकारियों को जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-2, जीएसटीआर-3बी, ट्रांजिशनल रिटर्न से जुड़े ट्रान-1, इलेक्ट्रॉनिक कैश और क्रेडिट लेजर को विस्तृत रूप से देखने की सुविधा भी दी है।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में दरों को लेकर जंजाल कुछ कम होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ संकेत दिया है कि जीएसटी की 12 और 18 फीसद की दरों का विलय हो जाएगा। इससे जीएसटी दरों की संख्या घटकर तीन रह जाएगी। अंतत: इसके दो ही स्लैब बचेंगे। हालांकि जीएसटी की फीसद वाली उच्चतम दर बनी रहेगी।

अलबत्ता इसमें मौजूद वस्तुओं की संख्या बेहद कम हो जाएगी। फिलहाल जीएसटी के 5, 12, 18 व फीसद के चार स्लैब हैं। इसके अलावा रोजमर्रा के इस्तेमाल की कई चीजों पर कोई टैक्स नहीं है। जेटली ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा कि इस नई अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की शुरुआत कई दरों के साथ की गई।

इसका मकसद कर भार को जीएसटी के पहले वाले स्तर पर बनाए रखना था। आगे चलकर अंतत: दो ही दरें रह जाएंगी। सरकार की राजस्व स्थिति से तय होगा कि यह काम कितनी जल्दी होगा। वित्त मंत्री के मुताबिक पहले ही फीसद के स्लैब से वस्तुओं की संख्या घटाकर 48 तक लाई गई है।

इस स्लैब में आने वाली वस्तुओं की संख्या में और कमी लाई जाएगी। इसमें मुख्य रूप से लक्जरी और सिगरेट जैसी अवगुणी वस्तुएं (सिन गुड्स) ही बचेंगी। जब जीएसटी संग्रह में बढ़ोतरी होगी, तो सरकार देखेगी कि क्या 12 और 18 फीसद वाली दरों को मिलाने की गुंजाइश है।