HSBC जेनेवा लिस्ट में शामिल खाताधारकों की आयकर विभाग ने शुरू की घेराबंदी

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मुंबई। दो वर्षों तक चुप्पी के बाद इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने स्विट्जरलैंड में एचएसबीसी जेनेवा के पास गोपनीय खाते रखनेवालों के खिलाफ कदम बढ़ाया है।

पिछले पखवाड़े में 50 से ज्यादा लोगों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनके नाम गोपनीय स्विस अकाउंट्स रखनेवालों की लिस्ट में हैं। इन लोगों को उनके मामलों में सुनवाई की तारीखों की जानकारी दी गई है।

मामले की जानकारी रखने वालों के मुताबिक, इस कदम से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए इन कथित अकाउंट होल्डर्स और बेनेफिशरिज की अपीलें पहले चरण में खारिज होने के बाद मुकदमे की कार्यवाही शुरू करने की राह खुलेगी।

यह साल खत्म होने से पहले कार्रवाई करने को उत्सुक दिख रहे टैक्स अधिकारियों का हौसला एक अपेलट ट्राइब्यूनल की रूलिंग से बढ़ा है। ट्राइब्यूनल का फैसला उन लोगों के खिलाफ गया, जिन्हें बावेरियन टैक्स हेवन में एक बैंक में अकाउंट्स रखनेवाले विदेशी ट्रस्टों के बेनिफिशरिज के रूप में बताया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि ट्रस्ट बेनेफिशिरिज को तब तक टैक्स देने की जरूरत नहीं है, जब तक कि उन्हें ट्रस्ट से कोई रकम न मिली हो।

इस फैसले के बावजूद अपेलट ट्राइब्यूनल ने पिछले महीने टैक्स डिपार्टमेंट के पक्ष में फैसला दिया था। डिपार्टमेंट ने उन लोगों को घेरा था, जिन्होंने लिस्टंस्टाइन के एलजीटी बैंक में कथित रूप से अघोषित रकम जमा की थी। लिस्टंस्टाइन ऑस्ट्रिया के पास एक छोटा सा स्टेट है।

लिस्टंस्टाइन मामले में पहली अपेलट रूलिंग भी टैक्स डिपार्टमेंट के पक्ष में गई थी। वह 2014 में आई थी। इन दोनों रूलिंग्स में संभवत: स्थानीय कानूनों का ध्यान रखा गया, जिनके तहत डिस्क्रीशनरी ट्रस्ट के बेनिफिशरिज के लिए टैक्स चुकाने से बचना मुश्किल है।

सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट दिलीप लखानी ने कहा, ‘सीबीडीटी ने आईटी अपील्स के हर कमिश्नर को हर महीने कम-से-कम 50 मामलों के निस्तारण का टारगेट दिया है।

सीआईटी अपील्स में डिपार्टमेंट के पक्ष में आनेवाला कोई भी निर्णय डिमांड पर स्टे हटा देगा और टैक्स की वसूली तब तक हो सकेगी, जब तक कि सीआईटी अपील्स में अगली अपेलट बॉडी यानी ट्राइब्यूनल की ओर से फिर स्टे नहीं दे दिया जाता।’

एचएसबीसी के मामले में मुद्दा डायरेक्ट अकाउंटहोल्डर्स के साथ उन लोगों से भी जुड़ा है, जो ट्रस्ट बेनिफिशरि बताए जा रहे हैं। कई कथित खाताधारकों ने एचएसबीसी स्विट्जरलैंड के पास बैंक खाते खोलने से इनकार किया है और कुछ मामलों में ट्राइब्यूनल के फैसले असेसीज के पक्ष में गए हैं।