अब PAN से पता चलेगा कहां मौजूद हैं आप

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नई दिल्ली। केंद्र सरकार हरेक स्थायी खाता संख्या (पैन) की ई-लोकेशनिंग कर रही है। यानी आपका पैन देश में किस जगह पर सक्रिय है, वह सरकार को देश के डिजिटल नक्शे पर दिखाई देगा। इससे सरकार को कर वसूली संबंधी विभिन्न प्रकार के विश्लेषण करने में मदद मिलेगी और सरकार यह भी पता लगा सकेगी कि देश के किस स्थान पर अधिक काला धन पैदा हो रहा है और किस स्थान पर अधिक कर चोरी हो रही है।

यह जानकारी यहां सीई इनफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट विलास कुलकर्णी ने कंपनी के एक समारोह में इतर मौके पर Len-den News  के साथ दिल्ली में हुई एक बातचीत में दी। सीई इनफोसिस्टम्स को मैपमाईइंडिया के नाम से अधिक जाना जाता है, जो सरकार की इस बहुएजेंसी परियोजना में पैन की लोकेशनिंग के काम को अंजाम दे रही है।

मैपमाईइंडिया से किया सीबीडीटी ने करार

कुलकर्णी ने बताया कि वित्त मंत्रालय के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की इस परियोजना में मैपमाईइंडिया द्वारा तैयार किया गया देशभर का डिजिटल नक्शा (मैप) और देश के अधिकतर घरों और महत्वपूर्ण स्थानों को कंपनी द्वारा दिए गए एक डिजिटल कोड ‘ई-लॉक’ (वर्चुअल लोकेशन) का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पैन की ई-लोकेशनिंग

उन्होंने पैन की ई-लोकेशनिंग का कंसैप्ट समझाते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति या कारोबारी तथा अन्य संस्थान आयकर रिटर्न दाखिल करता है, तब उसमें पैन का उल्लेख किया जाता है।साथ ही यह भी उल्लेख किया जाता है कि यह रिटर्न किस पते से दाखिल किया जा रहा है। यानी, सरकार के पास यह आंकड़ा है कि कौन सा पैन किस पते पर सक्रिय है। लेकिन इस पैन और पते के करोड़ों आंकड़ों का विश्लेषण करना काफी बोझिल काम है।