56 देशों में फ्री इलाज मिलता है तो भारत में क्यों नहीं?

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विधायक भवानी सिंह राजावत ने पीएम को लिखा पत्र, देश के प्रत्येक नागरिक को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध करवाने की मांग

कोटा। लाडपुरा विधायक भवानी सिंह राजावत ने इलाज के अभाव में मरते निर्धन अक्षम रोगियों की जान बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश के प्रत्येक नागरिक को निशुल्क चिकित्सा उपलब्ध करवाने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि दुनिया के 56 देशों में निशुल्क इलाज की सुविधा है, जो भारत से भी छोटे हैं। तो क्या भारत में ऐसा नहीं किया जा सकता। अलग-अलग योजनाएं लागू करने की बजाय एकमात्र सिर्फ आधार कार्ड के पंजीयन पर मरीज को निशुल्क इलाज किया जाना चाहिए।

विधायक ने पत्र में लिखा है कि वर्तमान में देश में चिकित्सा का आधारभूत ढांचा बहुत बिगड़ा हुआ है, आबादी के अनुपात में चिकित्सालय उपलब्ध नहीं हैं, जहां चिकित्सालय हैं, वहां चिकित्साकर्मी नहीं हैं। सरकारी चिकित्सालयों के अलावा निजी चिकित्सालयों में भी रोगी भार बहुत अधिक है।

हाल ही में राजस्थान सहित देश के कई भागों में फैले डेंगू स्वाइन फ्लू रोग से हुई मौतों की ओर ध्यान आकृष्ट करवाते हुए विधायक ने लिखा है कि गत सीजन में ही इन रोगों से अकेले कोटा शहर में ही लगभग 1800 रोगी अस्पतालों में भर्ती हुए और 500 से अधिक मरीज असमय काल कलवित हो गए।

इन बीमारियों के अलावा देश के कई नागरिक कैंसर, हृदय, किडनी, लीवर के असाध्य रोगों से जूझते हुए जान दे देते हैं। प्रधानमंत्री सहायता कोष से बीपीएल श्रेणी अन्य अल्प आय वर्ग के लोगों को उपचार के लिए 30-40 प्रतिशत सहायता प्रदान की जाती है, लेकिन जटिल प्रक्रिया और जानकारी के अभाव में अधिकांश लोग लाभ नहीं ले पाते।

वर्तमान में दुनिया में आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी जैसे विकसित और मकाऊ, साइप्रस, माल्टा जैसे छोटे देशों सहित कुल 56 से अधिक देशों में निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।