सितंबर तिमाही में रफ्तार पकड़ सकती है GDP ग्रोथ

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नई दिल्ली । विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आर्थिक वृद्धि (इकोनॉमिक ग्रोथ) चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के दौरान महत्वपूर्ण सुधार दर्ज करा सकती है। आपको बता दें कि इसकी पिछली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 5.7 फीसद के साथ बीते तीन साल के निचले स्तर पर पहुंच गई थी।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से गुरुवार को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान जारी किए जाने हैं। इस डेटा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रभाव को भी शामिल किया जाएगा, जिसे 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू कर दिया गया था।

अर्थशास्त्रियों के एक सर्वेक्षण के आधार पर, औद्योगिक निकाय फिक्की को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में आर्थिक विकास 6.2 फीसद तक पहुंच जाएगा। यह अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़ों की तुलना में एक बेहतर सुधार होगा।

फिक्की ने अपने इकोनॉमिक आउटलुक सर्वे में कहा, “नोटबंदी और जीएसटी कार्यान्वयन के कारण अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के असर को कम करने की कोशिश की जा रही है और जैसे ही नई कर व्यवस्था में स्थायित्व आएगा अर्थव्यवस्था में सुधार दिखने लगेगा।”

आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने भी कहा कि जीडीपी विकास दर में जो गिरावट आई थी उसे अब काबू में लाया जा रहा है और दूसरी तिमाही के आंकड़ों में सुधार दिखाई देगा।

गर्ग ने कहा, “मुझे पूरा भरोसा है और यह स्पष्ट है कि इस गिरावट के विपरीत स्थिति दिखाई देगी। हमने गिरावट के पहलुओं पर काम किया है और इसे सुधारने की कोशिश की है। अगली तिमाही (जुलाई-सितंबर) का आकलन पहली तिमाही की तुलना में ज्यादा बेहतर होगा।”