डेंगू रोगियों की मदद करने वालों को नवाजा

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टीम रक्तदाता समूह : भव्य समारोह में विधायक प्रहलाद गुंजल ने 4 ब्लड बैंक के डॉक्टर्स, लैब टेक्निशियन एवं सर्वाधिक रक्त देने वालों को सम्मानित किया

अरविंद, कोटा। हाडौती में डेंगू महामारी की चपेट में आए सैकड़ो रोगियों को रक्तदान की तत्काल मदद करने वाले रक्तवीरों, ब्लड बैंक, लैब टेक्निशियन तथा पांच रक्तदाता ग्रुप को रविवार को स्टेशन स्थित हरिओम बैंक्वेंट हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथी विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि महामारी में रक्तदान ने महाअभियान का रूप लेकर गरीब मरीजों की 24 घंटे मदद की। रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता।

कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड के युवा स्वैच्छिक रक्तदान में सबसे आगे रहे। मेरे 50वें जन्मदिन पर भी हाडौती के युवाओं ने 10 हजार से अधिक रक्तदान कर सेवा का इतिहास रच दिया।

इससे शहर से गांवों तक बहुत जागरूकता आई। समारोह में एमबीएस ब्लड बैंक अधीक्षक डॉ.एचएल मीणा, पार्षद बृजेश शर्मा ‘नीटू’ सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

टीम रक्तदाता समूह के संरक्षक राजेंद्र गुप्ता, नवीन तोतलानी व जितेंद्र खजांची ने बताया कि हाडौती में पिछले 6 माह में डेंगू रोगियों को 24 घंटे रक्तदान सेवाएं देने वाले चार ब्लड बैंकों के डॉक्टर्स, पांच रक्तदाता संस्थाओं, लैब टेक्निशियन तथा सर्वाधिक एसडीपी एवं रक्तदान करने वाले लगभग 80 रक्तवीरों को प्रशस्ति पत्र एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

टीम की ओर से हरजिंदर सिंह, नीरज सिंह तथा कुशाल जैन ने चार ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वेदप्रकाश गुप्ता, डॉ.पीएस झा, डॉ रोमी साहनी, डॉ राकेश तथा पांच एनजीओ यूथ फाउंडेशन, कोटा, मदद ग्रुप, कोटा, स्टूडेंट हेल्प सोसायटी, कोटा, मित्र मंडली, कोटा व रक्तदाता समूह, झालावाड़ को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया।

कॉर्डिनेटर जय गुप्ता ने बताया कि विगत 6 माह से समूह के 160 सक्रिय सदस्यों की टीम 24 घंटे विभिन्न जिलों में डेंगू मरीजों को रक्त उपलब्घ करवा रही है।

इन्होंने किया सर्वाधिक रक्तदान
डेंगू रोगियों की जान बचाने के लिए एसडीपी की तुरंत आवश्यकता होती है। इमरजेंसी केस में कोटा के नरेंद्र शर्मा ने 51, दीपक ज्ञानी ने 30, अंकित जैन ने 25, हरजिंदर सिंह ने 13 तथा नीरज सिंह ने 12 बार ब्लड बैंक पहुंचकर एसडीपी रक्त की तत्काल मदद की। समारोह में स्वैच्छिक रक्तदान में 21 तथा एसडीपी करने वाले 22 रक्तवीरों को सम्मानित किया गया। संचालन आभा शर्मा ने किया।