वित्त मंत्री ने दिए GST रेट में और बदलाव के संकेत

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अगले राउंड में 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत वाले स्लैब पर फोकस होगा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी रेट्स में और फेरबदल का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के राजस्व को देखते हुए ऐसा किया जाएगा। इसके साथ उन्होंने शुक्रवार को करीब 200 आइटम्स के टैक्स रेट में कमी को गुजरात चुनाव से जोड़ने वालों की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि ये लोग ‘बचकानी सियासत’ कर रहे हैं। चुनिंदा मीडिया कर्मियों के साथ बातचीत में जेटली ने कहा, ‘जीएसटी रेट्स में कमी की गुंजाइश थी। हमने चार महीने में 28 पर्सेंट वाले स्लैब में बदलाव किए हैं।’

जीएसटी को इस साल 1 जुलाई से लागू किया गया था। इसके बाद से इसकी खामियों को दूर करने के लिए जीएसटी काउंसिल की हर महीने मीटिंग हो रही है।

जेटली ने कहा, ‘भविष्य में टैक्स दरों में बदलाव सरकार के राजस्व को देखकर किया जाएगा। प्रक्रिया संबंधी बदलाव भी होंगे।’ अगले राउंड में 5 प्रतिशत और 12 प्रतिशत वाले स्लैब पर फोकस होगा। इनमें से हर एक में 250 आइटम्स हैं। 

उन्होंने कहा, ‘हम मार्केट की हकीकत को देखकर फैसले कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि काउंसिल का मानना है कि दरों में जो भी बदलाव हुए हैं, उनका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

काउंसिल ने शुक्रवार की मीटिंग में 28 प्रतिशत वाले स्लैब में 178 आइटम्स को हटाकर कुल आइटम्स की संख्या 50 कर दी थी। उन्होंने कहा कि जो लोग सिंगल जीएसटी रेट की बात कह रहे हैं, उन्हें टैरिफ स्ट्रक्चर की समझ नहीं है।

वित्त मंत्री ने कहा, ‘खाने के सामान पर कोई टैक्स नहीं लगना चाहिए और ऐसा ही किया गया। वहीं, आम आदमी के इस्तेमाल वाली चीजों पर सबसे कम 5 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है।

जेटली ने कहा, लग्जरी और सिन प्रॉडक्ट्स, पर्यावरण और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों पर आम आदमी के इस्तेमाल वाली चीजों के बराबर टैक्स नहीं लगाया जा सकता था।’  

इसलिए जो लोग आज सिंगल रेट की बात कह रहे हैं, उन्हें जीएसटी की बुनियादी समझ नहीं है।’ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अधिकतम जीएसटी रेट 18 प्रतिशत करने की मांग की थी।