ज्यादा कैश जमा करने वालों सावधान!, बेनामी संपत्ति पर IT डिपार्टमेंट का एक्शन

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नई दिल्ली। भारतीय टैक्स अधिकारियों ने बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई शुरू कर दी है। उनके निशाने पर वे लोग भी हैं, जिन्होंने नोटबंदी के बाद बड़ी मात्रा में कैश जमा किया था, लेकिन अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के एक टॉप ऑफिशियल ने बताया कि विभाग 541 प्रॉपर्टी जब्त कर चुका है और कुल करीब 1800 करोड़ रुपये के बैंक एकाउंट फ्रीज किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि जल्द और कार्रवाई हो सकती है।

अधिकारी ने बताया, ‘बड़ा फोकस बेनामी प्रॉपर्टी पर होगा और एक्शन उन लोगों पर लिया जाएगा, जिनके नोटबंदी के बाद के कैश डिपॉजिट्स नजरों में आए हैं, लेकिन उन्होंने अब तक रिटर्न फाइल नहीं किया है।’

अधिकारी ने बताया कि कुछ संपत्तियां हाई प्रोफाइल नेताओं और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी हैं। विभाग जब्त की गई कुछ संपत्तियों की नीलामी तय कानूनी प्रक्रिया से जल्द शुरू कर सकता है।

पिछले साल बनाए गए बेनामी कानून ने टैक्स अधिकारियों को ऐसी संपत्ति जब्त करने, उनकी फेयर मार्केट वैल्यू के 25 पर्सेंट तक पेनाल्टी लगाने का अधिकार दिया है। इस कानून के तहत दोषी को सात साल तक की जेल हो सकती है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने 4 नवंबर को हिमाचल प्रदेश में एक चुनावी भाषण में कहा था कि बेनामी संपत्तियों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

टैक्स डिपार्टमेंट ने जांच के लिए 20572 मामले चुने हैं। उसकी योजना ऐसे लोगों को इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 142(1) के तहत नोटिस भेजने की है, जिन्होंने रिमांडइर भेजे जाने के बाद भी 7 नवंबर की तय तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं किए।

अधिकारी ने बताया कि रिटर्न और डिपॉजिट में बड़े अंतर वाले मामलों को एनफोर्समेंट एक्शन के लिए चुना जाएगा।
डिपार्टमेंट ने नोटबंदी का ऐलान होने के बाद ऑपरेशन क्लीन मनी शुरू किया था।

इस अभियान के पहले चरण में 11.7 लाख संदिग्ध मामलों की पहचान की गई थी। इनमें 3.68 लाख करोड़ रुपये और 23 लाख बैंक एकाउंट्स शामिल थे।

केवल 11.2 लाख लोगों ने टैक्स डिपार्टमेंट के एसएमएस और ईमेल का जवाब दिया था। उसके बाद ऑपरेशन क्लीन मनी 2.0 शुरू किया गया था। इसके साथ पहचान में आए ब्लैक मनी के मामलों के लिए अलग से एक पोर्टल लॉन्च किया गया था।

इसके अलावा नवंबर 2016 से मार्च 2017 के बीच 900 जगहों पर तलाशी ली गई, जिससे 900 करोड़ रुपये जब्त किए जा सके। इसमें 636 करोड़ रुपये नकद थे। करीब 8000 करोड़ रुपये की अघोषित आमदनी की बात सामने आई थी।