राजस्थान में बनेगा विश्वस्तरीय लॉजिस्टिक पार्क, होगा 10 हजार करोड़ से अधिक का निवेश 

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देश विदेश की विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियाें ने राजस्थान में कनकपुरा जयपुर से फुलेरा, अजमेर के मध्य एक विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना के लिए 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने पर सहमति जताई

जयपुर। उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में देश-विदेश के उद्यमियों को राजस्थान में विनियोजन करने विशेषकर फूड प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने  कहा कि राजस्थान उत्तर भारत की निवेशक राजधानी बन कर उभर रहा है। देश और प्रदेश के समग्र विकास में फूड इकोनोमी का महत्वपूर्ण स्थान है। 

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय वर्ल्ड फूड इंडिया-2017 समिट में शनिवार को राजस्थान पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। सत्र को सम्बोधित करते हुए  शेखावत ने कहा कि राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेश की असीम संभावनाएं मौजूद हैं। चूंकि प्रदेश कई प्रकार के कृषि व खाद्य जिंसो के उत्पादन में देश और दुनिया में अग्रणी है।

उन्होंने  बताया कि राजस्थान में झालावाड़ के संतरे, गंगानगर के किन्नू सहित जैतून, खजूर, जोजोबा, सोयाबीन, आंवला, जीरा, औषधीय प्लांटस, मसालों आदि के साथ ही दुग्ध उत्पादन, मेहंदी, ईसबगोल, ग्वार-बाजरा, मक्का, लहसुन, खट्टे फल, अनार तथा अन्य कई कृषि व खाद्य जिंसाें के उत्पादन में आगे है। यहां इन पर आधारित प्रसंस्करण यूनिट्स तथा मेगा फूड पार्क लगने की व्यापक संभावनाएं हैं।

शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में एकीकृत फूड सेक्टर डवलपमेंट विकसित करना चाहती है और इसके लिए एग्रो मार्केटिंग सहित अन्य सम्बद्ध क्षेत्रों में निवेशकों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं दे रही हैं।

उन्होंने  बताया कि कृषि बागवानी के क्षेत्र में भी देश में राज्य अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है और राज्य में 28 हॉर्टीकल्चर नर्सरीज स्थापित की गई हैं। उन्होंने  बताया कि राजस्थान में 10 एग्रोक्लाइमेटीक जोन हैं और 8 प्रकार की मिट्टी हैं जिसमें रेगिस्तान भी है ओर तेल भी है।

उद्योग मंत्री ने बताया कि दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक-रेल फ्रेट कोरीडोर का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में से होकर गुजरेगा। उन्होंने  बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एन.सी.आर.) का 25 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान में है जो कि देश की जी.डी.पी. में 29 प्रतिशत हिस्सेदारी के रूप में योगदान देने वाला क्षेत्र है।

 540 करोड़ रुपये के 13 एमओयू पर हस्ताक्षर
इस मौके पर राज्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने के लिए 540 करोड़ रुपये के 13 एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये गए। राज्य सरकार की ओर से उद्योग आयुक्त  कुंजी लाल मीना ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किये। इन एम.ओ.यू. के लागू होने पर राज्य के 7500 लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा।

एम.ओ.यू. में मैसर्स ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क लिमिटेड द्वारा 113.56 करोड़ रुपये, चौखी ढाणी फूडस् और ईमामी एग्रोटेक द्वारा 100-100 करोड़ रुपये, मेजस्टिक डेस्टिनेशन प्राईवेट लिमिटेड और रूकमणी देवी गर्ग एग्रो इम्पेक्टस प्राईवेट लिमिटेड द्वारा 70-70 करोड़ रुपये की लागत के प्रोजेक्टस मुख्य हैं।

लॉजिस्टिक पार्क के निवेश पर चर्चा
इस अवसर पर उद्योग मंत्री  शेखावत ने देश विदेश की विभिन्न प्रतिष्ठित कम्पनियाें के प्रतिनिधियों से प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना के लिए निवेश पर चर्चा की। मुख्य रूप से दुबई के शराफूद्दीन श्रोफ की हिन्द टर्मिनल ग्रुप के साथ सार्थक चर्चा हुई।

इस ग्रुप ने राजस्थान में कनकपुरा जयपुर से फुलेरा, अजमेर के मध्य एक विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक पार्क की स्थापना के लिए 10 से 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने पर सहमति जताई और बताया कि यह कम्पनी राज्य सरकार से 1 हजार एकड़ जमीन मिलने पर आधारभूत सुविधाओं पर ही 5 से 7 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश करेगी।

लॉजिस्टिक पार्क में प्लगिंग फूड प्रोससिंग, पैकेजिंग आदि यूनिट्स लगाने पर पृथक से इतनी ही राशि का निवेश किया जाएगा। यह देश में अपने ढंग का पहला लॉजिस्टिक पार्क होगा।

थाईलैंड, जापान की कम्पनियों से भी वार्ता
उद्योग मंत्री इस मौके पर थाईलैंड, जापान व कारगिल आदि प्रतिष्ठित कम्पनियाें के नुमाईदों से भी मिले। थाईलैंड की दो प्रमुख कम्पनियाें ने प्रदेश में 5-7 हैक्टेयर भूमि पर मक्का की प्रसंस्करण यूनिट्स व उत्कृष्ट श्रेणी के मक्का का उत्पादन की इकाइयां लगाने में रूचि दर्शाई।

वहीं थाईलैंड की ही एक कम्पनी ने जयपुर में ‘‘केश एण्ड केरी‘‘ आउटलेट खोलने में अपनी रूचि प्रदर्शित की। इसी प्रकार करगिल कम्पनी द्वारा प्रदेश में कैटलफीड हेतु उपयोग में लिये जाने वाले विभिन्न प्रकार के मिनरल्स को प्रसंस्करण कर उत्कृष्ट प्रकार का कैटल फीड का उत्पादन करने के लिए निवेश की बात कही।

सत्र के प्रारंभ में उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने प्रदेश में कृषि और फल व बागवानी के विहंगम परिदृश्य की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने  बताया कि राज्य में निवेश के लिए आने वाले उद्यमियों को हर संम्भव मदद उपलब्ध करवायी जाएगी।