अब कंपनियों को ग्राहकों का डेटा शेयर करना पड़ेगा भारी

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नई दिल्ली। उपभोक्ताओं की किसी भी निजी जानकारी को कमर्शल उद्देश्य से साझा करना अब कंपनियों को भारी पड़ सकता है। ऐसा करने पर कंपनियों के खिलाफ कन्ज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से कमर्शल फायदे के लिए उपभोक्ताओं के डेटा को बेचने की खबरों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम में यह प्रस्ताव किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में ट्रेंड ऐंड डिवेलपमेंट पर यूएन कॉन्फ्रेंस के सेक्रटरी जनरल मुखिसा कितुयी ने उपभोक्ताओं के निजी डेटा की सुरक्षा की बात कही थी।

उपभोक्ता मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि उपभोक्ताओं के डेटा की सुरक्षा के लिहाज से कन्जयूमर प्रोटेक्शन लॉ में पर्याप्त प्रावधान किए जाएंगे।

इसके तहत ग्राहकों को यह अधिकार होगा कि वह अपने डेटा को शेयर किए जाने की शिकायत को कन्ज्यूमर कोर्ट में दर्ज करा सकेंगे। इसके अलावा प्रस्तावित सेंट्रल कन्जयूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी भी अपने स्तर पर कार्रवाई कर सकेगी।

उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने कहा, ‘दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के हर देश ने हमसे अपने प्रयास साझा किए हैं। हमें उम्मीद है कि यह विधेयक शीत सत्र में पारित हो सकता है।

हमने दूसरे देशों से जो सीखा है, वह जल्दी ही हमारी नीतियों में दिखाई देगा।’ इससे पहले कन्जयूमर राइट्स ऐक्टिविस्ट्स और अन्य लोगों ने इस संबंध में कानून को मजबूत किए जाने की मांग की थी।