सितंबर के लिये अब तक 37 लाख जीएसटीआर-3बी भरे गये

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नयी दिल्ली। जीएसटीएन  पर सितंबर महीने के लिये शुक्रवार शाम सात बजे तक करीब 37 लाख जीएसटी रिटर्न भरे गये और हर घंटे के आधार पर 75,000 बिक्री आंकड़े इसमें अपलोड किये जा रहे हैं। जीएसटीएन नेटवर्क के चेयरमैन अजय भूषण पांडे ने आज यह जानकारी दी।

माल एवं सेवा कर व्यवस्था के तहत जीएसटीआर-3बी में शुरूआती रिटर्न भरने की समय सीमा शुक्रवार को समाप्त हो गई है। पांडे ने कहा कि जीएसटीएन प्रणाली स्थिर है और फिलहाल प्रणाली के तहत जो आंकड़े आ रहे हैं उसमें उसकी कुल क्षमता का मात्र 30 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो रहा है। पिछले दो दिनों में इसमें 20 लाख रिटर्न अपलोड किये गये।

उन्होंने कहा, शाम 7 बजे तक 36.84 लाख रिटर्न भरे गये हैं। रिटर्न फाइल करने के काम में तेजी आ रही है। औसतन हर घंटे के हिसाब से 75,000 रिटर्न अपलोड किये जा रहे हैं। जीएसटीएन प्रणाली स्थिर है। हम उम्मीद करते हैं कि अधिक-से-अधिक लोग निर्धारित समय में रिटर्न फाइल कर सकेंगे।

देश में जीएसटी व्यवस्था एक जुलाई से लागू हुई है। उसके बाद यह तीसरा महीना है जिसके लिये कंपनियों को जीएसटीआर-3बी रिटर्न भरना है। इसमें उन्हें अपनी बिक्री के बारे में पूरा ब्योरा देना होता है।

जुलाई और अगस्त के लिये क्रमश: 55.68 लाख और 50 लाख रिटर्न भरे गये जिससे क्रमश: 95,000 करोड़ रुपये और 92,000 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।

पांडे ने कहा कि पहले दो महीनों में कंपनियों ने निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद भी रिटर्न अपलोड किये। सितंबर माह के रिटर्न का आंकड़ा भी अंतत: बढ़ेगा।

उन्होंने कहा, अगर हम नेटवर्क की क्षमता देखे तो जीएसटीएन केवल 30 प्रतिशत का उपयोग कर रहा है। इस लिहाज से सर्वर में और रिटर्न अपलोड करने की काफी गुंजाइश है।

अनुपालन बोझा कम करने के लिये जीएसटी परिषद ने कंपनियों को जीएसटी क्रियान्वयन के पहले छह महीने दिसंबर तक फार्म जीएसटीआर-3बी में अपना शुरूआती कर रिटर्न भरने की अनुमति दी है।

इसके अनुसार जीएसटीआर-3बी रिटर्न को अगले महीने की 20 तारीख तक भरना होगा। इसका मतलब है कि सितंबर का रिटर्न 20 अक्तूबर तक भरना होगा।

हालांकि, अगस्त के लिये रिटर्न भरे जाते समय नेटवर्क ने बेहतर तरीके से काम किया। जीएसटी के समक्ष समस्याओं पर गौर करने और उसकी पहचान कर पोर्टल के सुचारू रूप से काम करने के लिये बिहार के उप-मुख्यमंत्री सुशील मोदी की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह की दो बार बैठक हुई है।