तेल उत्खनन को जीएसटी दरों में राहत

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सरकार के इस फैसले से ओएनजीसी, रिलायंस, केयर्न एनर्जी जैसी कंपनियों को फायदा होगा क्योंकि ये रिग्स विदेशों से लाने पड़ते हैं और अब इनकी लागत कम हो जाएगी। 

नई दिल्ली। घरेलू स्तर पर तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने जीएसटी दरों में बड़े बदलाव का एलान किया है। ऑयल ड्रिलिंग रिग्स (तेल उत्खनन में इस्तेमाल होने वाले उपकरण) को जीएसटी दर से पूरी तरह से मुक्त कर दिया गया है। केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने इस संबंध में जीएसटी काउंसिल की बैठक में हुए फैसले का विवरण देते हुए बयान जारी किया।

सरकार के इस फैसले से ओएनजीसी, रिलायंस, केयर्न एनर्जी जैसी कंपनियों को फायदा होगा क्योंकि ये रिग्स विदेशों से लाने पड़ते हैं और अब इनकी लागत कम हो जाएगी। इससे ये कंपनियां अब ज्यादा मात्रा में रिग्स आयात कर सकेंगी और तेल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

गहरे समुद्र में इस्तेमाल होने वाले सभी रिग्स आयातित होते हैं जबकि समुद्री तट के करीबी इलाकों में भी इस्तेमाल होने वाले अधिकांश रिग्स विदेशों से मंगाये जाते हैं। वैसे सरकार की तरफ हाइड्रोकार्बन सेक्टर को कुछ और रियायत दी गई है लेकिन पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है।

सनद रहे कि पिछले सोमवार को दुनिया की दिग्गज तेल कंपनियों के प्रमुखों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक में यह मुद्दा उठा था। विदेशी तेल कंपनियों के साथ ही घरेलू तेल कंपनियां भी चाहती हैं कि उक्त तीनों उत्पाद जीएसटी के दायरे में आयें ताकि इन पर लागू दरों को लेकर एक समानता आ जाये।

असलियत में कई विदेशी कंपनियां भारत के पेट्रोलियम रिटेल सेक्टर में उतरना चाहते हैं लेकिन इसके लिए वे जीएसटी में इन्हें शामिल करने की मांग रख रही हैं। पीएम मोदी ने आश्वासन दिया है कि वह इस मुद्दे पर राज्यों से बात करेंगे।