रॉयल्टी भुगतान पर लेनी होगी शेयरधारकों को सेबी की मंजूरी

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नई दिल्ली। ब्रांड या रॉयल्टी के नाम पर भुगतान करने के लिए लिस्टेड कंपनियों को नॉन प्रमोटर शेयरधारकों से अनुमति लेनी होगी। कॉरपोरेट गवर्नेस के नियमों पर विचार के लिए गठित सेबी के पैनल ने यह सुझाव दिया है।

बैंकर उदय कोटक की अध्यक्षता में गठित पैनल ने कहा कि रॉयल्टी भुगतान की राशि कुल राजस्व के पांच फीसद से अधिक होने की स्थिति में शेयरधारकों की मंजूरी अनिवार्य होगी।

अभी इस बारे में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। पैनल ने सरकारी कंपनियों में तेज फैसलों के लिए संबद्ध मंत्रलयों से उनकी स्वायत्तता सुनिश्चित करने को भी कहा है।

पैनल की रिपोर्ट में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आइसीएआइ) को ऑडिट फर्मो पर कार्रवाई करने और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाने का अधिकार देने की भी सिफारिश की है।

पैनल ने सेबी में कर्मचारियों की कमी का भी जिक्र किया है। पैनल ने कहा कि सेबी के पास छह लिस्टेड कर्मचारियों पर एक कर्मचारी है। वहीं अमेरिकी समकक्ष नियामक में एसईसी के पास हर कंपनी पर एक कर्मचारी है।