राजस्थान सर्राफा संघ लाएगा 99.9% चांदी के सिक्के

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जयपुर। श्री राजस्थान सर्राफा संघ दीपावली सीजन के लिए शुद्ध चांदी-सोने के सिक्के बाजार लाएगा। इसका मकसद ग्राहकों को नुकसान से बचाना है। यह सिक्के पूरे राजस्थान में उपलब्ध कराए जाएंगे। सिल्वर कॉइन में 99.9 फीसदी चांदी होगी। जबकि सोने के सिक्कों की शुद्धता 99.5 फीसदी होगी।

राजस्थान सर्राफा संघ के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता ने बताया कि अभी बाजार में अधिकतम 99.6 फीसदी चांदी के सिक्के ही बिक रहे हैं। ऐसे सिक्कों को जब वापस बेचा जाता है, तो पूरा दाम नहीं मिलता और ग्राहकों को आर्थिक नुकसान होता है। इसको देखते हुए 99.9 फीसदी शुद्धता के चांदी के सिक्के बाजार में लाए जाएंगे।

सर्राफा संघ इस सप्ताह सिक्कों की औपचारिक लॉन्चिंग करेगा। उन्होंने बताया कि ज्वैलर्स को सिक्के उपलब्ध कराने के लिए हर जिले एक या दो प्रतिनिधि नियुक्त किए जा रहे हैं। जयपुर में भी दो काउंटर के जरिए थोक खुदरा में सिक्कों की बिक्री की जाएगी।

चांदी के सिक्के 5, 10, 20, 100, 250 500 ग्राम तथा एक किलो, जबकि सोने के सिक्के 1, 2, 5, 10, 20, 50 100 ग्राम वजन के होंगे। प्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए इन सिक्कों पर राजस्थान सर्राफा संघ की मोहर होगी, ताकि पुनः बेचने ग्राहकों को नुकसान नहीं हो। राजस्थान सर्राफा संघ की स्थापना 1955 में की गई थी।

क्वालिटी पर फोकस बढ़ा
गुप्ता के मुताबिक अधिकांश ग्राहकों को सिक्कों में चांदी-सोने की शुद्धता की जानकारी नहीं होती। इस वजह से वह कई बार गिलट एवं अन्य धातु से बने सिक्के भी खरीदकर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है। लेकिन अब क्वालिटी पर फोकस बढ़ा है। ग्राहकों में भी जागरूकता आई है।

कॉर्पोरेट ग्राहकों का विश्वास भी लौटा
मिलावटी सिक्कों की वजह से पिछले वर्षों के दौरान बड़ी-बड़ी कंपनियों ने दिवाली उपहार के लिए सिक्कों की खरीद कम कर दी थी। लेकिन क्वालिटी पर फोकस बढ़ने से अब कॉर्पोरेट ग्राहक भी उपहार में देने के लिए फिर से सोने-चांदी के सिक्कों की खरीद करने लगे हैं।

नोटबंदी जीएसटी का कारोबार पर असर
प्रदेश में हर साल धनतेरस दीपावली पर करीब 10,000 किलो चांदी के सिक्के बिक जाते हैं। लेकिन नोटबंदी जीएसटी की वजह से इस साल सिक्कों की मांग कमजोर है।